भारतीय क्रिकेट टीम से बाहर होने के बाद अजिंक्य रहाणे से सबको रणजी ट्रॉफी में धमाकेदार प्रदर्शन की उम्मीद है। रहाणे ने श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट टीम के चयन से ठीक पहले शतक लगाया था। इसके बावजूद उनकी जगह नहीं बन पाई। भारतीय टीम से बाहर होने के बाद अपनी पहली पारी में उन्होंने प्रशंसकों को निराश किया है। रहाणे गोवा के खिलाफ दूसरे मैच में खाता भी नहीं खोल सके। तीन गेदों का सामना करने के बाद शून्य के निजी स्कोर पर पवेलियन लौट गए।
अनुभवी बल्लेबाज रहाणे को 10वें ओवर में लक्ष्य गर्ग ने विकेट के सामने फंसा लिया। वे एलबीडब्ल्यू आउट हो गए। रहाणे ने सौराष्ट्र के खिलाफ शतक लगाया था। उनके अलावा मुंबई के चार अन्य बल्लेबाज भी खाता नहीं खोल सके। इनमें विकेटकीपर बल्लेबाज आदित्य तारे, शम्स मुलानी, धवल कुलकर्णी और प्रशांत सोलंकी है। मुंबई की टीम 52.4 ओवर में 163 रनों पर ढेर हो गई।
पिछले मैच में दोहरा शतक लगाने वाले सरफराज खान ने सबसे ज्यादा 63 रन बनाए। उन्होंने 110 गेंदों का सामना किया और नौ चौके लगाए। तनुश कोटियन ने 30 रन, सचिन यादव ने 27 और आकर्षित गोमेल ने 21 रन बनाए। कप्तान पृथ्वी शॉ एक बार फिर से फेल हो गए। वे 13 गेंद पर सिर्फ नौ रन बनाए। पिछले मैच में सौराष्ट्र के खिलाफ वे सिर्फ एक रन ही बना सके थे।
अजिंक्य रहाणे की बात करें तो भारतीय टीम के मुख्य चयनकर्ता चेतन शर्मा ने पुष्टि की है कि ड्रॉप किए गए वरिष्ठ खिलाड़ियों के लिए दरवाजे बंद नहीं हैं। उन्हें वापसी करने के लिए लगातार रन बनाने होंगे। रहाणे के अलावा चयन समिति ने चेतेश्वर पुजारा, इशांत शर्मा और ऋद्धिमान साहा को बाहर कर दिया।
चेतन शर्मा ने कहा था, "हमने उनके नामों पर बहुत विचार किया है। हमने उन्हें श्रीलंका के खिलाफ सीरीज से बाहर रखने का फैसला किया है। हमने उन्हें रणजी खेलने के लिए कहा। इन दो मैचों के लिए हमने दूसरों को मौका देने का फैसला किया। वे अभी भी वापसी कर सकते हैं।”