बीसीसीआई के एक वरिष्ठ अधिकारी ने गोपनीयता की शर्त पर कहा, 'इन तीन स्टैंड की क्षमता 12 हजार दर्शकों की है और यह वास्तव में अजीब लगता है जब टीवी पर इन खाली स्टैंड को दिखाया जाता है। हम नहीं चाहते कि चेन्नई को प्लेऑफ के लिए क्वॉलिफाइ करने पर घरेलू मैदान पर खेलने का मौका नहीं मिले लेकिन हमने उन्हें मंजूरी हासिल करने के लिए एक सप्ताह का समय दिया है।'
उन्होंने कहा, 'अगर वे प्रमाणपत्र हासिल करने में नाकाम रहते हैं तो फाइनल हैदराबाद में तथा प्लेऑफ और एलिमिनेटर बेंगलुरु में आयोजित किए जाएंगे। सनराइजर्स 2018 का उपविजेता है और इसलिए वे फाइनल की मेजबानी करेंगे।'
इस बीच सीओए ने मिनी महिला आईपीएल के प्रारूप पर भी फैसला किया जिसमें तीन टीमें भाग लेंगी। पिछले साल की तरह एकमात्र प्रदर्शनी मैच के बजाय इस बार इसमें चार मैच खेले जाएंगे। सूत्रों ने कहा, 'मैचों का आयोजन रात आठ बजे से होगा। एक मैच विशाखापट्टनम में जबकि अन्य मैच संभवत: बेंगलुरु में खेले जाएंगे।'
यह भी पता चला है कि सीओए ने खिलाड़ियों के संघ की संचालन समिति को संस्था के गठन की प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए कहा है। बीसीसीआई ने इसके अलावा घरेलू टूर्नमेंटों और भारत में अंतरराष्ट्रीय मैचों के 'टाइटिल प्रायोजक' के लिए नई निविदा जारी करने का भी फैसला किया।
चेपक स्टेडियम की तीन बंद दीर्घाओं का मसला हल नहीं होने की दशा में हैदराबाद का राजीव गांधी स्टेडियम 12 मई को इंडियन प्रीमियर लीग प्लेआफ और फाइनल मैच के लिये स्टैंडबाय रहेगा ।
तमिलनाडु क्रिकेट संघ तीन दीर्घाओं 'आई, जे और के' के लिये स्थानीय नगर निगम से 2012 से अनापत्ति प्रमाण पत्र नहीं ले सका है ।
बोर्ड के एक अधिकारी ने प्रेस ट्रस्ट को बताया ,‘‘ हम टीएनसीए से बात करेंगे क्योंकि हम चेन्नई से अपने मैदान पर खेलने का अधिकार नहीं छीनना चाहते लेकिन तीन खाली दीर्घायें एक मसला है। हैदराबाद और बेंगलुरू प्लेआफ, एलिमिनेटर और फाइनल के लिए दो स्टैंडबाय वेन्यू होंगे ।’’