बीते दिनों भारत ने ब्रिस्बेन टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया को तीन विकेट से हराकर 2-1 से बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी अपने नाम की। टीम इंडिया के लिए यह ऐतिहासिक जीत थी। टीम इंडिया के युवा खिलाड़ियों ने इस जीत में अहम भूमिका निभाई। इस शानदार जीत के बाद टीम इंडिया की जमकर तारीफ हुई।
इसके साथ-साथ लोग पूर्व दिग्गज बल्लेबाज राहुल द्रविड़ को भी याद करने लगे। सोशल मीडिया पर उनका नाम खूब ट्रेंड होने लगा था और फैंस भारत की इस यादगार जीत का श्रेय द्रविड़ को दे रहे थे। हालांकि, अब द्रविड़ ने संडे एक्सप्रेस से इस मसले पर बातचीत की और कहा, हाहाहा... मुझे बिना मतलब का इस जीत का श्रेय मिल रहा है। सारी तारीफ खिलाड़ियों की होनी चाहिए।'
दरअसल, ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट सीरीज में भारतीय टीम अपने अनुभवी खिलाड़ियों की गैरमौजूदगी में युवाओं के भरोसे उतरी थी। सीरीज में कुल पांच युवाओं ने डेब्यू किया और सभी ने जबरदस्त प्रदर्शन भी किया। आखिरी मैच में भी टीम की जीत में ऋषभ पंत, मोहम्मद सिराज, शार्दुल ठाकुर, वाशिंगटन सुंदर और शुभमन गिल जैसे युवाओं का ही योगदान रहा।
खास बात यहां यह है कि इन सभी युवाओं को तराशने का काम खुद राहुल द्रविड़ ने ही किया है। भारतीय टीम की दीवार कहे जाने वाले राहुल द्रविड़ ने संन्यास के बाद भारत की अंडर-19 और इंडिया ए टीम को कोचिंग देने का फैसला किया।
उन्होंने इस दौरान 2016 से 2019 तक गिल, पंत, सुंदर, सिराज, पृथ्वी जैसे कई युवाओं को ट्रेनिंग दी और क्रिकेट के गुर सिखाए। उनके मार्गदर्शन में इन खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया और राष्ट्रीय टीम में जगह बनाने में कामयाबी हासिल की।