भारतीय टीम एशिया कप का खिताब जीतने के लिए यूएई में अपना दम दिखा रही है। भारत ने सुपर चार में जगह बना ली है और फाइनल में पहुंचने की दावेदार है। इस टूर्नामेंट में टीम इंडिया के कोच राहुल द्रविड़ हैं। द्रविड़ इस टूर्नामेंट की शुरुआत से ठीक पहले कोरोना संक्रमित हुए थे। भारतीय टीम के साथ एनसीए हेड वीवीएस लक्ष्मण यूएई पहुंचे थे, लेकिन टीम इंडिया के पहले मैच से ठीक पहले द्रविड़ ने कोरोना को हराया और सीधे यूएई पहुंचकर टीम के साथ जुड़ गए। उनके कोच रहते भारत ने पाकिस्तान को हराया और पिछले साल मिली हार का बदला लिया। यहां हम शिक्षक दिवस को मौके पर कोच द्रविड़ के करियर के बारे में बता रहे हैं।
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद द्रविड़ ने आईपीएल के जरिए अपने कोचिंग करियर की शुरुआत की थी। उन्होंने भारत के कई युवा खिलाड़ियों को अपने मार्गदर्शन में बेहतर खिलाड़ी बनाया। संजू सैमसन इनमें से एक हैं। इसके बाद वे एनसीए हेड के रूप में उन्होंने जिम्मेदारी संभाली और भारत को कई बेहतरीन युवा खिलाड़ी दिए। उनके कोच रहते भारत ने 2018 में अंडर-19 विश्व कप भी जीता। 2021 में रवि शास्त्री का कार्यकाल खत्म होने के बाद द्रविड़ को टीम इंडिया का कोच बनाया गया।