आईपीएल ट्रॉफी के साथ मुंबई इंडियंस
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मुंबई इंडियंस ने पुणे को आईपीएल-10 के रोमांचक फाइलन मुकाबले में 1 रन से हराकर आईपीएल का खिताब तीसरी बार अपने नाम कर लिया। हैदराबाद में खेले गए इस मुकाबले में टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी मुंबई ने निर्धारित 20 ओवर में 129 रन बनाए। पहली पारी के बाद ऐसा लग रहा था था कि पुणे आसानी से मैच में जीत हासिल कर लेगी लेकिन ऐसा नहीं हुआ। ये हैं वो 5 कारण जिनकी वजह से पुणे खिताबी मुकाबला जीतने में नाकाम रही।
कीरोन पोलार्ड का लाजवाब कैच: जीत की ओर बढ़ रही पुणे को हराने में पोलार्ड के कैच ने भी महत्वपूरण भूमिका निभाई। एक समय पुणे ने 11 ओवर में 1 विकेट के नुकसान पर 65 रन बना लिए थे, लेकिन 12वें ओवर में मिचेल जॉनसन की पांचवीं गेंद पर रहाणे छक्का मारने की कोशिश की और गेंद हवा में चली गई। पोलार्ड ने बेहतरीन डाइव लगाकर इसे कैच में तब्दील कर दिया और रहाणे अर्धशतक पूरा किए बिना 44 रन पर आउट हो गए।
मिसेल जॉनसन का विजयी ओवर: आखिरी ओवर में जीत के लिए पुणे को 11 रन की दरकार थी। स्ट्राइक पर मनोज तिवारी थे। रोहित शर्मा ने गेंद मिचेल जॉनसन के हाथों में दी। पहली गेंद पर तिवारी ने चौका जड़ दिया। ऐसे में 5 गेंद पर मुंबई को जीत के लिए 7 रन की जरूरत थी। इसके बाद लगातार दो गेंद पर मिचेल ने मनोज तिवारी और स्टीव स्मिथ को आउट कर मैच को मुंबई के पाले में डाल दिया। अंत में डेनियल क्रिस्टन और वाशिंगटन सुंदर की जोड़ी 3 गेंद में केवल 5 रन बना सकी। इस तरह मुंबई 1 रन से जीतने में कामयाह रही।
मुंबई के लिए खास तीन ओवर: पहले ओवर में गिरे दो विकटों की वजह से लड़खड़ाई मुंबई बड़ा स्कोर खड़ा करने में कामयाब रही। लेकिन फिर भी आखिरी तीन ओवर में मुंबई 37 रन जोड़ने में कामयाब रही। मुंबई ने 18वें ओवर में 13 रन, 19वें में 10 और अंतिम ओवर में 14 रन बनाए।
धोनी का आउट होना: अर्धशतक से चूके रहाणे के पवेलियन लौटने के बाद महेंद्र सिंह धोनी क्रीज पर उतरे। दुनिया के बेहतरीन मैच फिनिशर माने जाने वाले धोनी ऐसे वक्त पर आउट हुए जब पुणे को उनकी सबसे ज्यदा जरूरत थी। मुंबई के तरफ से 17वां ओवर करने आए जसप्रीत बुमराह ने अपने ओवर में सिर्फ तीन रन दिए और धोनी को आउट कर पुणे को संकट में डाल दिया।
रोहित शर्मा की पारी: पुणे के गेंदबाजों ने शुरुआती पांच ओवर में मुंबई की कमर तोड़ दी थी। लेकिन इसके बावजूद कप्तान रोहित शर्मा एक छोर संभाले रहे। छठा ओवर मुंबई के लिए वरदान साबित हुआ। रोहित शर्मा ने इस ओवर में 4 चौकों की मदद से 16 रन ठोके, जिसकी वजह मुंबई दबाव से उबरने में सफल रही। रोहित शर्मा ने 22 गेंदों में 24 रन बनाए।