लाहौर क़लंदर के कप्तान शाहीन अफरीदी और सिकंदर रजा पर होटल सुरक्षा नियम तोड़ने का आरोप लगा, लेकिन रजा ने कहा कि वह सिर्फ अपने परिवार से मिल रहे थे। उन्होंने दावा किया कि अनुमति मांगी गई थी और मामले को बेवजह बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जा रहा है।
पाकिस्तान सुपर लीग (पीएसएल) की टीम लाहौर कलंदर एक नए विवाद में घिर गई है। टीम के कप्तान शाहीन शाह अफरीदी और विदेशी खिलाड़ी सिकंदर रजा पर होटल के सुरक्षा नियमों के उल्लंघन का आरोप लगा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, दोनों खिलाड़ियों पर आरोप है कि उन्होंने देर रात सुरक्षा मंजूरी न मिलने के बावजूद चार लोगों को जबरन होटल के कमरे तक पहुंचाया। इस मामले को गंभीर मानते हुए लाहौर के डीआईजी (ऑपरेशन्स) ने पीएसएल के सीईओ को सुरक्षा उल्लंघन की सूचना दी।
सिकंदर रजा ने दी सफाई
पुलिस का दावा है कि पहले ही मना किए जाने के बावजूद शाहीन और रजा चार मेहमानों को रात करीब 11 बजे रजा के कमरे में ले गए, जहां वे रात 1:25 बजे तक रुके रहे। हालांकि, इस पूरे मामले पर सिकंदर रजा ने सफाई दी है। उन्होंने कहा कि वे लोग कोई अजनबी नहीं, बल्कि उनके परिवार के सदस्य थे। रजा ने मीडिया से बातचीत में कहा, 'शाहीन ने कुछ भी गलत नहीं किया। जो लोग मुझसे मिलने आए थे, वे मेरा परिवार हैं। जब आप महीनों घर से दूर रहते हैं और परिवार आपसे मिलने आता है, तो उनसे मिलना स्वाभाविक है।'
पुलिस का बयान
रजा ने यह भी बताया कि उन्होंने मेहमानों को लाने के लिए अनुमति मांगी थी। टीम के लायजन अधिकारी और मालिक समीन राणा ने भी उच्च अधिकारियों से बात की थी, लेकिन सुरक्षा कारणों से अनुमति नहीं मिली। रजा ने आगे कहा, 'हमने कुछ छुपाने की कोशिश नहीं की। हमने सही प्रक्रिया अपनाई, लेकिन अपने परिवार से कुछ समय मिलने की अनुमति न मिलना निराशाजनक था।' वहीं पुलिस के अनुसार, सुरक्षा और एंटी-करप्शन यूनिट ने इस अनुरोध को नियमों के तहत खारिज कर दिया था। इसके बावजूद खिलाड़ियों ने नियमों को नजरअंदाज किया। रजा ने अपने कप्तान का बचाव करते हुए कहा, 'शाहीन ने एक कप्तान और भाई की तरह मेरा साथ दिया। हमने किसी पर दबाव नहीं डाला, हम सिर्फ अपने मेहमानों के साथ कमरे तक गए थे।'
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने इस घटना को सुरक्षा प्रोटोकॉल और आचार संहिता का उल्लंघन बताया है। ये नियम खिलाड़ियों और अधिकारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बनाए गए हैं। फिलहाल, इस मामले को लेकर विवाद जारी है, लेकिन टीम का कहना है कि उनका मुख्य ध्यान मैदान पर अच्छा प्रदर्शन करना है।