पेशावर जाल्मी ने जीता पीएसएल 2026 का खिताब
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बाबर आजम की कप्तानी में पहली बड़ी उपलब्धि
जाल्मी के कप्तान बाबर आजम के लिए यह जीत बेहद खास मानी जा रही है। उनकी कप्तानी में टीम ने पहली बार कोई बड़ा खिताब अपने नाम किया है। हालांकि, फाइनल मुकाबले में बाबर बिना खाता खोले ही आउट हो गए, लेकिन पूरे सीजन में उन्होंने टीम को संभालकर रखा और अहम मौकों पर जिम्मेदारी निभाई।
आरोन हार्डी का ऑलराउंड प्रदर्शन रहा निर्णायक
इस मुकाबले में आरोन हार्डी ने शानदार ऑलराउंड प्रदर्शन करते हुए मैच का रुख पूरी तरह बदल दिया। उन्होंने पहले गेंदबाजी में चार विकेट लेकर विपक्षी टीम को कम स्कोर पर रोकने में अहम भूमिका निभाई। उनके सटीक लाइन-लेंथ और विकेट लेने की क्षमता ने किंग्समैन के बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया। वहीं नाहिद राणा ने भी उनका अच्छा साथ देते हुए दो विकेट झटके और विपक्षी टीम पर दबाव बनाए रखा।
हार्डी और समद की साझेदारी ने पलटा मैच
इसके बाद आरोन हार्डी और अब्दुल ने संयम और आक्रामकता का संतुलन दिखाते हुए मैच का रुख बदल दिया। दोनों बल्लेबाजों के बीच 85 रन की अहम साझेदारी हुई, जिसने टीम को जीत की ओर पहुंचाया। समद ने 34 गेंदों में 48 रन की तेज पारी खेली, जिसमें कई बड़े शॉट शामिल थे। वहीं, हार्डी ने अंत तक नाबाद रहते हुए 56 रन बनाए और टीम को सुरक्षित लक्ष्य तक पहुंचाया।
जीत के साथ खत्म हुआ लंबा इंतजार
अंत में पेशावर जाल्मी ने पांच विकेट खोकर यह लक्ष्य 28 गेंदों के शेष रहते हासिल कर लिया। इस जीत के साथ टीम ने नौ साल बाद पीएसएल ट्रॉफी जीतकर इतिहास रच दिया और अपने फैंस को जश्न मनाने का मौका दिया। इससे पहले टीम 2017 में डैरन सैमी की कप्तानी में पहला खिताब जीती थी।