लाहौर के गद्दाफी स्टेडियम में खेले गए फाइनल में टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए लाहौर कलंदर्स ने 20 ओवर में छह विकेट गंवाकर 200 रन बनाए थे। असद शफीक ने 40 गेंदों में 65 रन की पारी खेली थी। वहीं, कप्तान शाहीन अफरीदी ने भी अपनी तूफानी बल्लेबाजी से फैंस को एंटरटेन किया। उन्होंने 15 गेंदों में दो चौके और पांच छक्के की मदद से 44 रन की नाबाद पारी खेली।
जवाब में मुल्तान सुल्तांस की टीम 20 ओवर में आठ विकेट गंवाकर 199 रन बना सकी। राइली रूसो ने 32 गेंदों में 52 रन की पारी खेली। आखिरी तीन ओवर में मुल्तान को जीत के लिए 41 रन की जरूरत थी। तब उनके सिर्फ चार विकेट गिरे थे और टिम डेविड-खुशदिल शाह क्रीज पर थे।
18वें ओवर की पहली गेंद पर शाहीन ने टिम डेविड को आउट किया, फिर पांचवीं गेंद पर अनवर अली और छठी गेंद पर उसामा मीर को पवेलियन भेजा। इस ओवर में छह रन बने। 19वें ओवर में हारिस रऊफ गेंदबाजी के लिए आए और इस ओवर में 22 रन बने।
खुशदिल और अब्बास अफरीदी ने मिलकर इस ओवर में दो छक्के और दो चौके जड़े। आखिरी ओवर में मुल्तान को जीत के लिए 13 रन चाहिए थे और गेंदबाजी की कमान जमान खान के हाथों में थी। पहली गेंद पर अब्बास ने दो रन लिए। दूसरी गेंद पर एक रन आया।
तीसरी गेंद पर कोई रन नहीं बना। चौथी गेंद पर जमान ने दो रन लुटाए। पांचवीं गेंद पर खुशदिल ने चौका लगाया। आखिरी गेंद पर मुल्तान को जीत के लिए चार रन चाहिए थे। खुशदिल ने शॉट खेला और तीन रन के लिए भागे। तीसरा रन लेने के दौरान वह रन आउट हो गए। इस तरह आखिरी ओवर में सिर्फ 11 रन बने और मुल्तान की टीम एक रन से मैच हार गई।
शानदार ऑलराउंड प्रदर्शन करने वाले लाहौर कलंदर्स के कप्तान शाहीन अफरीदी को प्लेयर ऑफ द मैच अवॉर्ड दिया गया। वहीं, इहसानुल्लाह को प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट चुने गए। पिछले साल यानी 2022 में भी फाइनल में लाहौर कलंदर्स ने मुल्तान सुल्तांस को ही हराया था। हालांकि, तब शाहीन की टीम ने 42 रन से जीत दर्ज की थी। अब तक इस्लामाबाद यूनाइटेड (2016, 2018), पेशावर जाल्मी (2017), क्वेटा ग्लैडिएटर्स (2019), कराची किंग्स (2020), मुल्तान सुल्तांस (2021) और लाहौर कलंदर्स (2022, 2023) की टीमें चैंपियन बन चुकी हैं।
पहले बल्लेबाजी करते हुए लाहौर के लिए मिर्जा बेग और फखर जमान ने टीम को सधी हुई शुरुआत दिलाई। मिर्जा 18 गेंदों में 30 रन बनाकर आउट हुए। वहीं, फखर 34 गेंदों में 39 रन बनाकर आउट हुए। असद शफीद ने 40 गेंदों में आठ चौके और दो छक्के की मदद से 65 रन की पारी खेली। सैम बिलिंग्स (9), एहसान भट्टी (0) और सिकंदर रजा (1) कुछ खास नहीं कर सके। इसके बाद कप्तान शाहीन अफरीदी ने पारी संभाली और 15 गेंदों में तूफानी 44 रन जड़ दिए। अपनी पारी में उन्होंने दो चौके और पांच छक्के लगाए। मुल्तान की ओर से उसामा मीर ने तीन विकेट लिए। वहीं, अनवर अली, इहसानुल्लाह और खुशदिल शाह को एक-एक विकेट मिला।
201 रन के बड़े लक्ष्य का पीछा करने उतरी मुल्तान टीम की शुरुआत अच्छी रही। उसमान खान और कप्तान मोहम्मद रिजवान ने पहले विकेट के लिए 41 रन जोड़े। उसमान 12 गेंदों में 18 रन बनाकर आउट हुए। इसके बाद रिजवान ने रूसो के साथ मिलकर दूसरे विकेट के लिए 64 रन की साझेदारी निभाई। रूसो 32 गेंदों में सात चौके और दो छक्के की मदद से 52 रन बनाकर आउट हुए। रिजवान भी 23 गेंदों में पांच चौके की मदद से 34 रन बनाकर आउट हो गए। कीरोन पोलार्ड (19), टिम डेविड (20), अनवर अली (1) और उसामा मीर (0) को शाहीन अफरीदी ने पवेलियन भेजा। मुल्तान की टीम निर्धारित 20 ओवर में आठ विकेट गंवाकर 199 रन ही बना सकी। लाहौर की ओर से शाहीन ने सबसे ज्यादा चार विकेट लिए। वहीं, राशिद खान को दो और डेविड वीज को एक विकेट मिला।