वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में पहुंचने वाली भारतीय क्रिकेट टीम इस टूर्नामेंट के तुरंत बाद खेली गई पहली ही वनडे सीरीज में बुरी तरह से नाकाम हो गई। भारतीय टीम जब बांग्लादेश के दौरे पर रवाना हुई थी तो यह किसी को आभास नहीं था कि उसकी भी हालत पाकिस्तान जैसी हो जाएगी।
बांग्लादेश ने भारत के खिलाफ सीरीज से पहले पाकिस्तान से घरेलू सीरीज खेली थी जिसमें मेजबान टीम ने करिश्माई खेल दिखाते हुए वनडे सीरीज के सभी 3 और दोनों ट्वंटी-20 मैच जीत लिए। इस तरह से सीमित ओवरों के मुकाबले में बांग्लादेश ने पाक को सभी 5 मैचों में हराया और इसके बाद उसने टेस्ट सीरीज में भी कड़ी चुनौती दी थी।
इस प्रदर्शन को देखते हुए भारत अपनी मजबूत टीम के साथ बांग्लादेश पहुंचा लेकिन उसकी भी स्थिति पाकिस्तान से भी गई-गुजरी साबित हो गई क्योंकि पाक टीम नए कप्तान और कई युवा खिलाड़ियों के साथ उतरी थी तो उसके खेल को समझा जा सकता था, लेकिन भारतीय टीम तो अपनी मजबूत टीम के साथ यहां आई थी।
तीन मैचों की वनडे सीरीज के पहले दो मैच हारकर टीम इंडिया ने बांग्लादेश में पहली बार कोई द्वीपक्षीय सीरीज गंवाई है। अब सीरीज गंवाने के बाद भारत के पास सिर्फ लाज बचाने का अंतिम मौका है। दोनों टीमों के बीच सीरीज का तीसरा मैच बुधवार को ढाका में ही खेला जाएगा। यह इस दौरे का अंतिम मैच भी है, और दुर्भाग्य यह है कि टीम इंडिया अब तक 3 मैचों में एक भी मैच जीत नहीं सकी है।
बांग्लादेश के आक्रमण को बिगाड़ने का यह लास्ट चांस
बांग्लादेश टीम ने अपने क्रिकेट इतिहास की सबसे बड़ी जीत हासिल की है। सीरीज पर 2-0 से अजेय बढ़त बनाने के बाद अब मेजबान टीम की नजर टीम इंडिया को तीसरे मैच में भी हराकर सीरीज पर क्लीन स्वीप करने पर होगी।
क्रिकेट इतिहास में ऐसा पहली बार है जब टीम इंडिया को बांग्लादेश दौरे के दौरान अपनी पहली जीत के लिए इतना लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। महेंद्र सिंह धोनी की अगुवाई वाली टीम इंडिया के पास स्वदेश लौटने से पहले जारी दौरे में पहली जीत हासिल करने का यह अंतिम मौका होगा।
बांग्लादेश ने अपनी धरती पर लगातार तीसरी वनडे सीरीज जीती है और पिछली दो सीरीज (जिम्बाब्वे और पाकिस्तान) उसने क्लीन स्वीप के साथ कब्जाई है। बांग्लादेश अपने इस अभियान में एक बार फिर नवोदित तेज गेंदबाज मुस्ताफिजुर रहमान के भरोसे होगी जिन्होंने रिकॉर्डतोड़ प्रदर्शन करते हुए पिछले 2 मैचों में 11 विकेट झटकने का कारनामा कर दिखाया है।
वहीं भारतीय टीम के पास 19 साल के इस तेज गेंदबाज का लय बिगाड़ने का यह अंतिम मौका होगा। भारतीय बल्लेबाजी दुनिया में सर्वश्रेष्ठ मानी जाती है ऐसे में टीम में शामिल धुरंधर बल्लेबाज उनकी लय बिगाड़ने की कोशिश जरूर करेंगे क्योंकि उन्हें पिछले दो मैचों में निराशाजनक प्रदर्शन का बदला लेने का यही लास्ट चांस भी है।
पाकिस्तान बनने से बचाने की जिम्मेदारी बल्लेबाजों के पास
टीम इंडिया का अपने वनडे क्रिकेट में अब तक का यह सबसे बुरा समय कहा जा सकता है। अपने से कहीं नीची रैंकिंग वाली टीम से लगातार 2 वनडे मैच गंवाने वाली भारतीय टीम चाहेगी कि उसके बल्लेबाज इस मैच में ढंग की बल्लेबाजी करेंगे। पिछले दोनों मैचों में टीम इंडिया अपने कोटे के पूरे 50 ओवर भी नहीं खेल सकी थी साथ ही किसी भी मैच में 230 रन भी नहीं बना पाई।
टीम के बल्लेबाज खासकर विराट कोहली जो टीम के रन मशीन कहे जाते हैं कि लगातार नाकामी हार का कारण बन रही है। वह दोनों मैचों में मिलाकर 25 रन भी नहीं बना सके हैं। कोहली के अलावा इस मैच में अंजिक्य रहाणे से भी बड़ी पारी की आसे होगी। हालांकि रहाणे दूसरे वनडे में टीम में नहीं थे लेकिन तीसरे मैच में वह वापसी कर सकते हैं।
ओपनर रोहित शर्मा और शिखर धवन की जोड़ी से एक अच्छी शुरुआत की दरकार होगी जो दूसरे मैच में टीम का खाता भी नहीं खोल सकी थी। रोहित पिछले मैच में शून्य पर आउट हो गए थे। हालांकि धवन ने अर्धशतकीय पारी जरूर खेली। धवन के अलावा सुरेश रैना और कप्तान धोनी बीच-बीच में उपयोगी पारियां खेली हैं, लेकिन इस अंतिम मैच में सभी बल्लेबाजों को टीम भावना के साथ खेलकर टीम की जीत के लिए प्रयास करना होगा।
बांग्लादेश के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट में भारतीय बल्लेबाजों ने शानदार बल्लेबाजी की थी लेकिन वनडे सीरीज में यही बल्लेबाज अचानक असफल होने लगे। टीम के लचर प्रदर्शन के पीछे टीम में जारी गुटबाजी को भी अहम जिम्मेदार माना जा रहा है। कहा जा रहा है कि कप्तान धोनी टीम के कई खिलाड़ियों के साथ बन रही है। उन्होंने खुद दूसरे वनडे में हार के बाद टीम हित में कप्तानी छोड़ने की बात भी कही थी।
हालांकि खिलाड़ियों के बीच जारी विवाद में टीम इंडिया का प्रदर्शन गिरता जा रहा है और बांग्लादेश के हाथों पहली बार कोई सीरीज गंवाई है। ऐसे में उन्हें टीम भावना के साथ मैदान पर उतरना होगा।
जडेजा को बाहर कर 3 तेज गेंदबाजों के साथ उतरे टीम इंडिया
बल्लेबाजी तो भारत की इस सीरीज में निराशाजनक रही ही है गेंदबाजों ने भी अब तक खासा निराश किया है। पहले मैच में भारतीय गेंदबाज शुरुआती 15 ओवर में एक भी विकेट नहीं झटक सके थे। बांग्लादेश के बल्लेबाजों ने हर भारतीय आक्रमण पर जमकर प्रहार किया और पहली बार 300 से ज्यादा का स्कोर किया इस टीम के खिलाफ।
यही हाल दूसरे वनडे मैच में भी रहा भारतीय गेंदबाज 200 रनों के छोटे से लक्ष्य के बचाव में कभी भी बांग्लादेशी बल्लेबाजों पर दबाव बनाती नहीं दिखी और 40 ओवर से पहले ही मैच गंवा दिया।
कप्तान धोनी का दो तेज गेंदबाजों और 3 फिरकी गेंदबाजों के साथ पिछले मैच में उतरने की योजना बेकार साबित हो गई। अब सम्मान बचाने वाले मैच में धोनी को अपने आक्रमण की योजना में बदलाव करना होगा। मोहित शर्मा और उमेश यादव के साथ धवल कुलकर्णी के रूप में तेज गेंदबाज टीम के अंतिम एकादश में होने चाहिए, साथ ही आर अश्विन के अलावा आलराउंडर स्टुअर्ट बिन्नी को भी इस मैच में मौका दिया जाना चाहिए। बिन्नी ने इसी मैदान पर अपने करियर की सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी इसी टीम के खिलाफ की थी।
धोनी को इस मैच से आउट ऑफ फॉर्म रहे रवींद्र जडेजा को टीम से बाहर कर स्टुअर्ट बिन्नी को मौका देना होगा। जडेजा गेंद और बल्ले दोनों से ही पिछले कई मैचों से नाकाम चल रहे हैं।