पहली बार टीम इंडिया ऑस्ट्रेलिया में कोई द्विपक्षीय वनडे सीरीज खेल रही है और 5 मैचों की सीरीज के शुरुआती 2 मैच में 300 से ज्यादा का स्कोर करने के बाद भी उसे हार मिली। अब सीरीज में अपनी चुनौती बनाए रखने के लिए धोनी की अगुवाई वाली टीम को तीसरे मैच में जीत हासिल करनी ही होगी।
सीरीज का तीसरा मैच रविवार को मेलबर्न में भारतीय समयानुसार सुबह 8:50 से खेला जाएगा। सीरीज में भारतीय टीम की ओर से बल्लेबाजों ने अब तक बेहद शानदार खेल दिखाया है और कंगारू गेंदबाजों की क्लास लेते हुए बड़े स्कोर खड़े किए। लेकिन गेंदबाज दोनों मैच को मिलाकर अभी तक 10 विकेट भी नहीं झटक सके हैं।
दूसरी ओर, भारत 300 से ज्यादा का लक्ष्य देने के बाद लगातार 2 मैचों में हार का मुंह देखने वाली वनडे की तीसरी टीम है। इससे पहले वेस्टइंडीज को भारत के ही हाथों ऐसी हार देखनी पड़ी थी। अब तक सीरीज में जिस तरह की पिच देखने को मिल रही है उससे लगता है कि मेलबर्न में भी सपाट पिच हो सकती है। भारतीय गेंदबाजों को विकेट के लिए खासी मशक्कत करनी होगी।
कप्तान धोनी पर दबाव बढ़ा, धवन के खराब फॉर्म ने बढ़ाई चिंता
अगर जिम्बाब्वे के खिलाफ सीरीज को छोड़ दें तो वनडे में भारतीय टीम ने बांग्लादेश और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सीरीज गंवाई हैं। धोनी की कप्तानी में लगातार तीसरी सीरीज हार का खतरा मंडरा रहा है।
कप्तान धोनी के लिए भी मुश्किलें बढ़ी हैं, खुद उनकी बल्लेबाजी फॉर्म गायब है। बेहतरीन फिनिशर कहे जाने वाले धोनी के हेलिकॉप्टर शॉट अब उड़ान नहीं भर पा रहे हैं। धोनी को कप्तान के रूप में अपनी साख को फिर स्थापित करने की जरूरत आ गई है।
वहीं वर्ल्ड कप के दौरान बेहतरीन फॉर्म दिखाने वाले बाएं हाथ के ओपनर शिखर धवन खराब फॉर्म में चल रहे हैं। धवन ने पिछले 13 मैचों में एक शतक नहीं जड़ा है। उन्होंने अपना पिछला शतक विश्व कप में आयरलैंड के खिलाफ हैमिल्टन में लगाया था।
पिछले 13 मैचों में आठ उपमहाद्वीप में खेले गए हैं जिसमें उनकी औसत 29.07 की है और स्ट्राइक रेट 79.91 की है जो एक ओपनर के लिहाज से अच्छी तो नहीं कही जा सकती।
पुरानी टीम के साथ मेलबर्न वनडे में उतर सकती है टीम इंडिया
मेजबान ऑस्ट्रेलिया को अपने घर में नवंबर, 2014 में आखिरी बार हार मिली थी। वे अपने घर में लगातार 16 मैचों में अजेय रहे हैं और वनडे में सबसे लंबे समय तक अपने घर में अजेय रहने के रिकॉर्ड से सिर्फ एक मैच दूर हैं और कंगारू मेलबर्न में इस इंतजार को खत्म करना चाहेंगे।
मेजबान ऑस्ट्रेलिया ने अपने घर में लगातार 16 मैच जीतने का रिकॉर्ड बनाया है ऐसे में टीम इंडिया को मेलबर्न में कंगारुओं को रोकने में खासी मशक्कत करनी होगी। लगातार 2 मैच हारकर सीरीज में पिछड़ने वाली टीम इंडिया को वापसी के लिए गेंदबाजों के भरोसे होना होगा जो अब तक सीरीज में फेल रहे हैं। अब यह देखने वाली बात होगी कि इस निर्णायक मैच में धोनी अपने पुराने आक्रमण के साथ उतरते हैं या किसी नए गेंदबाज पर भरोसा जताते हैं।
हालांकि धोनी ने अगले मैच में ऑलराउंडर रिषि धवन को लेने की बात नकार चुके हैं साथ ही वह अपने 2 स्पिनर्स के साथ फिरकी आक्रमण में भी कोई फेरबदल नहीं करना चाहते हैं। ओपनर शिखर धवन को एक मौका और भी मिल सकता है। ऐसे में उम्मीद यही है कि अगले मैच में भी पुरानी टीम उतरे। धोनी अगर बदलाव करते भी हैं तो वह तेज गेंदबाज उमेश यादव के रूप में होगा और उनकी जगह कप्तान के पसंदीदा गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार को रख सकते हैं।