ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सीरीज के चौथे टेस्ट मैच में एक विकेट लेने के साथ ही भारत के स्पिनर प्रज्ञान ओझा ने अपने 100 टेस्ट विकेट पूरे कर लिए। प्रज्ञान भारत के तीसरे सबसे तेज सौ विकेट लेने वाले स्पिन गेंदबाज बन गए हैं।
दिग्गज स्पिनर इरापल्ली प्रसन्ना ने नवंबर 1969 में 20 टेस्ट मैचों में 100 विकेट के आंकड़े को पूरा किया था।
क्रिकेट की दुनिया के 'जंबो' कहे जाने वाले अनिल कुंबले ने 21 टेस्ट मैचों में 100वां टेस्ट शिकार किया था। कुंबले ने यह कारनामा 1995 में न्यूजीलैंड के खिलाफ बंगलुरु टेस्ट में किया था।
सुभाष गुप्ते ने 1958 में वेस्टइंडीज के खिलाफ अपने 22वें टेस्ट मैच में 100 विकेट पूरे किए थे।
प्रज्ञान ओझा ने दिल्ली के फिरोजशाह कोटला मैदान पर अपने 22वें टेस्ट मैच में 100 टेस्ट विकेट पूरे किए। मैच के दूसरे दिन ऑस्ट्रेलिया के जेम्स पैटिंसन को विराट कोहली के हाथों कैच कराकर ओझा ने अपना 100वां टेस्ट शिकर किया।
मालूम हो कि टेस्ट क्रिकेट में सबसे तेज 100 विकेट लेने का रिकॉर्ड इंग्लैंड के जॉर्ज लोहमान के नाम दर्ज है। 1896 में अपने 16वें टेस्ट मैच में 100वां शिकार किया था।