फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

किसान आंदोलन के समर्थन में उतरी पॉप गायिका रिहाना, पूर्व क्रिकेटर प्रज्ञान ओझा ने दी कड़ी प्रतिक्रिया

Wed, 03 Feb 2021 02:04 PM IST
Rajeev Rai स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
प्रज्ञान ओझा और रिहाना - फोटो : Social Media
विज्ञापन

अंतरराष्ट्रीय कैरेबियाई पॉप गायिका रिहाना द्वारा किसान आंदोलन को लेकर किए गए एक ट्वीट के बाद से सोशल मीडिया पर फिर से हंगामा शुरू हो गया है। दिल्ली बॉर्डर पर पिछले कुछ महीने से जारी किसान आंदोलन को लेकर पक्ष-विपक्ष आमने-सामने है। वहीं अब किसानों के धरना प्रदर्शन का मुद्दा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा का विषय बन चुका है। इसी कड़ी में मशहूर पॉप स्टार रिहाना ने दो फरवरी को किसानों के समर्थन में ट्वीट कर सबका ध्यान आकर्षित किया। 

विज्ञापन


उन्होंने आंदोलन को रोकने के लिए इंटरनेट बंद करने की निंदा की और अपने ट्विटर हैंडल पर किसान आंदोलन से जुड़ी एक रिपोर्ट शेयर की। इसमें किसानों का पुलिस के साथ टकराव और इंटरनेट सेवा बंद करने का जिक्र किया गया है। उन्होंने रिपोर्ट को शेयर करते हुए लिखा, 'हम इस बारे में बात क्यों नहीं कर रहे हैं'?
रिहाना के इस ट्वीट पर जहां कई लोगों ने समर्थन जताया तो वहीं कई लोगों ने उसकी आलोचना भी की। इसमें पूर्व भारतीय क्रिकेटर प्रज्ञान ओझा ने भी रिहाना को देश के आंतरिक मामले में दखल देने पर फटकार लगाई। भारत के इस पूर्व गेंदबाज ने ट्वीट का रिप्लाई देते हुए लिखा, 'मेरा देश हमारे किसानों पर गर्व करता है और जानता है कि वे कितना महत्वपूर्ण हैं।
विज्ञापन


भारत की तरफ से 48 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेलने वाले 34 वर्षीय गेंदबाज ने आगे कहा, 'मुझे विश्वास है कि इसे जल्द ही सुलझाया जाएगा। हमें अपने आंतरिक मामलों में किसी बाहरी व्यक्ति को दखल देने की आवश्यकता नहीं है।'

विज्ञापन

भारत की संप्रभुता से समझौता नहीं किया जा सकता- सचिन तेंदुलकर

'क्रिकेट के भगवान' कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर ट्वीट कर कहा, भारत की संप्रभुता से समझौता नहीं किया जा सकता है। बाहरी ताकतें दर्शक हो सकती हैं लेकिन प्रतिभागी नहीं। भारतीय भारत को जानते हैं और भारत के लिए फैसला करना चाहिए। आइए एक राष्ट्र के रूप में एकजुट रहें। दरअसल, सचिन तेंदुलकर यह ट्वीट किसान आंदोलन को लेकर लग रहा है। 
 

गौरतलब है कि केंद्र सरकार के तीन कृषि कानून को लेकर किसान दो महीने से अधिक समय से दिल्ली के अलग-अलग बॉर्डर पर आंदोलन कर रहे हैं। लेकिन गणतंत्र दिवस के खास दिन पर किसानों के ट्रैक्टर परेड के दौरान दिल्ली में जमकर तोड़फोड़ हुई। तब ऐतिहासिक लाल किले पर भी तिरंगे का अपमान हुआ और पुलिसकर्मियों के साथ भी हिंसा हुई। इसकी वजह से दिल्ली की सीमाओं पर न केवल सुरक्षा कड़ी की गई है, बल्कि प्रदर्शन वाली जगहों पर इंटरनेट सेवा भी रोक दी गई।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें