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आखिरी बार पर्थ में दिखेगी पंटर की पावर

Thu, 29 Nov 2012 11:56 PM IST
पर्थ/एजेंसी
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बढ़ती उम्र, उस पर रन न बना पाने का दबाव। आखिरकार पंटर ने बल्ला टांगने का फैसला कर ही लिया। सचिन तेंदुलकर के बाद आधुनिक क्रिकेट के दूसरे सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज रिकी पोंटिंग के लिए यह फैसला निश्चित रूप से आसान नहीं रहा होगा।
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मगर आस्ट्रेलिया के इस पूर्व कप्तान ने भरे मन से ऐलान कर ही दिया कि पर्थ में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ शुक्रवार से शुरू हो रहा तीसरा और अंतिम टेस्ट उनके कैरियर का आखिरी टेस्ट मैच होगा। पोंटिंग के फैसले के बाद सचिन तेंदुलकर के भविष्य को लेकर भी अटकलों का बाजार गर्म होने लगा है, जो पिछले काफी समय से अपनी प्रतिष्ठा के अनुरूप प्रदर्शन नहीं कर पा रहे हैं।

विश्व कप खिताब की रक्षा न कर पाने के बाद पोंटिंग ने इसी साल फरवरी में वनडे क्रिकेट को अलविदा कह दिया था। एक समय माना जा रहा था कि सचिन तेंदुलकर के रिकॉर्डों के पहाड़ के करीब अगर कोई पहुंच सकता है, तो वह यही आस्ट्रेलियाई दिग्गज है। मगर लगातार बढ़ते दबाव के चलते उन्हें संन्यास का मुश्किल फैसला लेना पड़ा।
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अगले महीने 19 दिसंबर को 38 साल के होने जा रहे पोंटिंग को जोखिम लेने की फितरत के चलते ही पंटर नाम दिया गया था। इन्हीं फैसलों के दम पर आस्ट्रेलियाई क्रिकेट ने दुनिया के क्रिकेट पर राज किया। हालांकि अपने कैरियर के दौरान पोंटिंग विवादों से भी अछूते नहीं रहे। भारत के खिलाफ सिडनी टेस्ट में उनके फैसलों की काफी आलोचना भी हुई थी।

‘ऐसा नहीं है कि मेरे अंदर क्रिकेट को लेकर जुनून खत्म हो गया है। लेकिन पिछली कुछ सीरीज से मेरा प्रदर्शन उस स्तर का नहीं रहा है, जो कि आस्ट्रेलियाई टीम में जगह बनाने के लिए होना चाहिए। क्रिकेट बीस सालों तक मेरा जीवन बना रहा। मैं इससे ज्यादा कुछ नहीं दे सकता हूं। ’
-रिकी पोंटिंग

टेस्ट कैरियर
पदार्पण : 8 दिसंबर 1995 बनाम श्रीलंका (पर्थ में)
मैच 167, रन 13,366, औसत 52.21, बेस्ट 257, शतक 41, कैच 196

वनडे कैरियर
पदार्पण : 15 फरवरी 1995 बनाम दक्षिण अफ्रीका (वेलिंगटन में)
मैच 375, रन 13704, औसत 42.03, बेस्ट 164, शतक 30,

आंकड़े
-खिलाड़ी के रूप में तीन विश्व कप विजय 1999, 2003, 2007 का हिस्सा बने। इनमें से अंतिम दो में कप्तान भी रहे।
-77 टेस्ट में कप्तानी की 48 में जीत मिली।
-230 वनडे में कप्तान रहे, 165 में टीम को जीत दिलाई।
-168वां टेस्ट खेलने के साथ ही पोंटिंग आस्ट्रेलिया की ओर से सर्वाधिक टेस्ट खेलने के स्टीव वॉ के रिकॉर्ड की बराबरी कर लेंगे।

दूसरे सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज
सचिन तेंदुलकर के बाद पोंटिंग दूसरे सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज हैं। टेस्ट में सचिन के 15562 जबकि पोंटिंग के 13366 रन हैं। वहीं वनडे में सचिन 18426 रनों के साथ पहले नंबर पर हैं, जबकि पोंटिंग 13704 रन के साथ दूसरे स्थान पर हैं।

जहां से शुरू किया वहीं खत्म हुआ सफर
पोंटिंग ने अपना टेस्ट कैरियर 20 साल की उम्र में वाका में श्रीलंका के खिलाफ शुरू किया था जिसमें उन्होंने 96 रन बनाए थे। आस्ट्रेलिया ने यह टेस्ट एक पारी और 36 रन से जीता था। अब उनके टेस्ट कैरियर का अंत भी द. अफ्रीका के खिलाफ उसी वाका मैदान पर होने जा रहा है।
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नंबर गेम
-17 साल लंबा रहा पोंटिंग का कैरियर
-27070 रन टेस्ट और वनडे में बनाए पोंटिंग ने कुल मिलाकर
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