मैदान पर खिलाड़ियों के बीच अक्सर नोक-झोंक होते ही रहते हैं। कई बार मामला इस कदर बढ़ जाता है कि अंपायरों को बीच-बचाव करने के लिए आगे आना पड़ जाता है।
आईपीएल 6 में अब तक ऐसे ढेरों मौके आए हैं जब स्टेडियम में मौजूद प्रशंसक व टीवी पर मैच देख रहे दर्शकों को ऐसे वाकयो का सामना करना पड़ा है। प्ले ऑफ में पहले ही पहुंच चुकी राजस्थान रॉयल्स और मुंबई इंडियंस के बीच बुधवार की रात मुकाबला जारी था।
इस मुकाबले में लक्ष्य का पीछा करने उतरी राजस्थान की हालत शुरू से ही खराब रही और दिग्ग्ज आलराउंडर शेन वॉटसन जब चौथे नंबर पर बल्लेबाजी करने क्रीज पर आए तो प्वाइंट पर खड़े कीरोन पोलार्ड ने उन पर कुछ भब्तियां कसी जिसे सुनकर वॉटसन नाराज हो गए।
हालांकि वॉटसन और साथी बल्लेबाज अंजिक्य रहाणे ने इसकी शिकायत अंपायर असद रउफ से की तो उन्होंने मुंबई के कप्तान रोहित शर्मा को बुलाकर पोलार्ड का शांत करने की हिदायत दी। रोहित ने पोलार्ड को शांत रहने का इशारा किया। इसके बाद ऐसा लगा कि मामला समाप्त हो गया। दोनों खिलाड़ी अपनी-अपनी जगह हंसते नजर आए।
लेकिन ऐसा नहीं हुआ। वॉटसन 10वें ओवर में प्रज्ञान ओझा की पहली ही गेंद पर मिडविकेट पर लपके गए। यह कैच किसी और ने नहीं बल्कि पोलार्ड ने लपका था। पोलार्ड ने आग में घी का काम करते हुए कैच करने के बाद काफी देर तक जश्न मनाया। और अजीबोगरीब अंदाज में नाचते रहे।
दूसरी ओर, वॉटसन आउट होकर मैदान के बाहर अपनी टीम के पास चले गए और पास रखी एक कुर्सी पर बैठ गए। इत्तेफाक फिर ऐसा हुआ कि वॉटसन जहां बैठे थे वहीं पोलार्ड क्षेत्ररक्षण के लिए चले गए। पोलार्ड यहां भी चुप नहीं हुए और कुछ न कुछ बोलते रहे।
पोलार्ड की भब्तियों से जब वॉटसन को रहा नहीं गया तो वह मुंह चिढ़ाने लगे और गुस्से में अपनी सीट से उठ गए। इस बीच कप्तान राहुल द्रविड़ उनके पास पहुंचे और वॉटसन को संभालते हुए ड्रेसिंग रूम में भेज दिया। हालांकि ड्रेसिंग रूम में जाने के बाद भी उनका गुस्सा कम नहीं लग रहा था।
अपने गुस्से के लिए विख्यात वॉटसन आज कुछ करारा जवाब नहीं दे पाए लेकिन अगर प्ले ऑफ या फाइनल में मुंबई और राजस्थान के बीच भिड़ंत होती है तो वॉटसन और पोलार्ड के बीच जंग देखने लायक होगी क्योंकि वॉटसन ऐसे मौकों का जवाब देना बखूबी जानते हैं।