फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Video: 'लोग कैच लेकर हंसते हैं, आप पहले ही मुस्कुराने लगीं?' PM मोदी के इस सवाल पर शेफाली ने दिया मजेदार जवाब

Thu, 06 Nov 2025 01:00 PM IST
स्वप्निल शशांक स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

एक वीडियो दिखाया गया, जिसमें शेफाली के फाइनल में बेहतरीन प्रदर्शन की झलक थी। इस वीडियो के बाद पीएम मोदी ने कहा, 'शेफाली जब मैंने ये देखा था, तो मेरे मन में एक सवाल आया था। कोई कैच करने के बाद हंसे तो समझ आता है, आप कैच होने से पहले हंस रही थीं। इसका क्या कारण था? इस पर शेफाली ने मजेदार जवाब दिया।
विज्ञापन
शेफाली से पीएम मोदी की बातचीत - फोटो : Instagram
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को चैंपियन भारतीय महिला क्रिकेट टीम के खिलाड़ियों से मुलाकात की। इस दौरान पीएम ने प्लेयर ऑफ द फाइनल शेफाली वर्मा के कैच के बारे में बात की। दरअसल, फाइनल में शेफाली ने सुने लूस का महत्वपूर्ण कैच अपनी ही गेंद पर लपका था। तब लूस कप्तान वोल्वार्ट के साथ 52 रन की साझेदारी कर चुकी थीं। हालांकि, शेफाली ने इस साझेदारी को तोड़ा और मैच में पकड़ बनवाने में मदद की। उन्होंने दो विकेट झटके और साथ में 87 रन भी बनाए। बातचीत का यह अंश ट्विटर वीडियो के 13वें मिनट के बाद है।
विज्ञापन

चैंपियंस से पीएम मोदी की मुलाकात - फोटो : PTI
पीएम मोदी ने शेफाली से कही यह बात
एक वीडियो दिखाया गया, जिसमें शेफाली के फाइनल में बेहतरीन प्रदर्शन की झलक थी। इस वीडियो के बाद पीएम मोदी ने कहा, 'शेफाली जब मैंने ये देखा था, तो मेरे मन में एक सवाल आया था। कोई कैच करने के बाद हंसे तो समझ आता है, आप कैच होने से पहले हंस रही थीं। इसका क्या कारण था? इस पर शेफाली ने कहा, 'सर मैं मन मन में बोल रही थी कि आजा कैच आजा मेरे पास आजा। तो बस मुझे हंसी आ गई कि कैच आ गई हाथ में मेरे।' इस पर पीएम मोदी ने कहा, 'मुझे ऐसा लगा कि तुम्हें विश्वास था कि कैच कहीं और जा ही नहीं सकता।' फिर शेफाली ने कहा, 'कहीं और जाता तो मैं वहां भी कूद जाती।' इस बातचीत पर सभी खिलाड़ियों को हंसी आ गई।

चैंपियंस से पीएम मोदी की मुलाकात - फोटो : PTI
'रोहतक से हैं, पहलवानी में क्यों नहीं गईं?'
पीएम मोदी ने कहा, 'शेफाली आप तो रोहतक से हैं। वहां तो सब पहलवान पैदा होते हैं। आप कहां से इस दुनिया में चली गईं?' इस पर शेफाली ने कहा, 'हां सर वहां से पहलवान और कबड्डी खिलाड़ी निकलती हैं। इसमें मेरे पापा का बहुत बड़ा किरदार रहा।' इस पर पीएम ने पूछा, 'पहले कभी अखाड़े वाला खेल नहीं खेला?' इस पर शेफाली ने कहा, 'नहीं सर। पापा को क्रिकेटर बनना था। वह क्रिकेटर नहीं बन पाए तो पापा ने अपनी छवि अपने बच्चों में दी। मेरा भाई और मैं खेलते थे। हम मैच देखते रहते थे तो बहुत ज्यादा इंटरेस्ट जग गया था क्रिकेट का। इसलिए मैं क्रिकेटर बन गई।

भारतीय टीम - फोटो : Instagram shafali verma
शेफाली की वनडे में दमदार वापसी
कभी भारतीय महिला क्रिकेट की सबसे चमकदार स्टार कही जाने वाली शेफाली वर्मा को एक वक्त ऐसा भी देखना पड़ा जब वे वनडे टीम से बाहर हो गईं। करीब एक साल से ज्यादा वक्त तक वे भारत की वनडे टीम का हिस्सा नहीं थीं। न चयनकर्ताओं की चर्चा में नाम था, न ही वर्ल्ड कप 2025 की संभावित टीम में उनका जिक्र। लेकिन क्रिकेट की खूबसूरती ही यही है। यहां कहानी पलटने में सिर्फ एक मौका काफी होता है। फाइनल में शेफाली ने 78 गेंद पर सात चौके और दो छक्कों की मदद से 87 रन की दमदार पारी खेली। इतना ही नहीं उन्होंने दो महत्वपूर्ण विकेट भी लिए। शेफाली ने अनुभवी मारिजाने कैप और सुने लूस को पवेलियन भेजा। शेफाली को प्लेयर ऑफ द फाइनल चुना गया और वह यह उपलब्धि हासिल करने वाली सबसे युवा खिलाड़ी बनीं।

भारतीय टीम - फोटो : Instagram shafali verma
मौका आया अप्रत्याशित रूप से
भारतीय ओपनर प्रतिका रावल के चोटिल होने के बाद टीम मैनेजमेंट ने अचानक शेफाली को सेमीफाइनल में मौका दिया। हालांकि, ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सेमीफाइनल में वह कुछ खास नहीं सकीं, लेकिन उनके शॉट्स में आत्मविश्वास दिखा। हालांकि, फाइनल में शेफाली ने दिखा दिया कि वो अब भी टीम की ‘एक्स फैक्टर’ खिलाड़ी हैं। फाइनल में भी उन्होंने अपना पुराना जलवा दिखाते हुए दमदार अर्धशतक जड़ा।
 
विज्ञापन

भारतीय टीम - फोटो : Instagram shafali verma
'भगवान ने मुझे कुछ अच्छा करने के लिए भेजा'
शेफाली जब रिप्लेसमेंट के तौर पर टीम में आईं तो उनका बयान भी प्रेरित करने वाला था। उन्होंने कहा था, 'एक खिलाड़ी होने के नाते प्रतिका के साथ जो हुआ, वह अच्छी बात नहीं थी। कोई नहीं चाहता कि किसी खिलाड़ी को ऐसी चोट लगे।  ईश्वर ने लेकिन मुझे कुछ अच्छा करने के लिए भेजा है।' उन्होंने कहा, 'मैं घरेलू क्रिकेट खेल रही थी और मैं बहुत अच्छी लय में थी। यह इस बात पर निर्भर करता है कि मैं मानसिक रूप से खुद को कैसे एकाग्र रखते हुए अपना आत्मविश्वास बढ़ती हूं।' वाकई शेफाली को भगवान ने कुछ अच्छा करने के लिए भेजा था।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें