पीएम ने चिट्ठी में लिखा कि आपको सिर्फ एक खिलाड़ी के रूप में देखना अन्याय होगा। एक छोटे शहर से निकलकर आप राष्ट्रीय पटल पर छा गए, आपने अपने लिए नाम बनाया और सबसे महत्वपूर्ण कि देश को गौरवान्वित किया। सशस्त्र बलों से आपके जुड़ाव का मैं खास तौर पर जिक्र करना चाहूंगा। आप सेना के लोगों के साथ जुड़कर बेहद खुश थे। पीएम ने लिखा कि हम कहां से आए हैं यह बहुत ज्यादा मायने नहीं रखता, जब तक हमें यह मालूम हो कि हम किस दिशा में जा रहे हैं। आपने यही भावना दिखाई और कई युवाओं को इससे प्रेरित किया।
परिवार के त्याग और सहयोग के बिना कुछ भी संभव नहीं
पीएम ने लिखा कि देश के लिए आपकी प्रतिबद्धताएं हमेशा याद रहेंगी। मुझे उम्मीद है कि साक्षी और जीवा अब आपके साथ अधिक समय बिता पाएंगी। मैं आप सभी को शुभकामनाएं देता हूं, क्योंकि परिवार के त्याग और सहयोग के बिना कुछ भी संभव नहीं होता। पीएम ने लिखा कि देश के युवा आपसे सीखेंगे कि पेशेवर और निजी जिंदगी के बीच कैसे तालमेल बिठाया जाता है। मैं आपको भविष्य के लिए शुभकामाएं देता हूं।