इस साल ऑस्ट्रेलिया दौरे पर जाने वाली भारतीय टीम एडिलेड में अपना दूसरा और विदेश में पहला डे-नाइट टेस्ट खेलेगी। टीम इंडिया ने अपना पहला डे-नाइट टेस्ट बांग्लादेश के खिलाफ 22 नवंबर 2019 को कोलकाता में खेला था, जिसे पारी और 46 रन से अपने नाम भी किया था।
भारत के टेस्ट विशेषज्ञ चेतेश्वर पुजारा ने गुरुवार को स्वीकार किया कि दिन-रात का टेस्ट बल्लेबाजों के लिए अलग तरह की चुनौती होगा क्योंकि गुलाबी गेंद की रफ्तार और दृश्यता पारंपरिक लाल गेंद से काफी अलग होती है।
विज्ञापन
पुजारा ने ‘सोनी टेन पिट स्टॉप’ शो पर कहा, ‘दिन-रात का टेस्ट या गुलाबी गेंद से खेलना, यह लाल गेंद से खेलने से बिलकुल अलग है। प्रारूप भले ही एक है, लेकिन गुलाबी गेंद की रफ्तार और वह दिखने में अलग होती है। बल्लेबाज को इसकी आदत डालनी होगी।’
उन्होंने कहा कि एसजी लाल गेंद से खेलने के आदी खिलाड़ियों के लिए गुलाबी गेंद चुनौतीपूर्ण होगी। उन्होंने कहा, ‘यह आसान नहीं होगा क्योंकि नेट पर काफी अभ्यास करना होगा। घरेलू स्तर पर यह आसान नहीं है। रणजी ट्रोफी में एसजी लाल गेंद से खेलने वालों के लिए यह कठिन है। इसके लिए काफी अभ्यास चाहिए।’