विराट कोहली की अगुआई वाली रॉयल चैलेंजर्स बंगलोर (आरसीबी) की टीम अब तक आईपीएल खिताब से वंचित रही है। इस बार कप्तान विराट कोहली के अलावा विध्वंसक क्रिस गेल और लाजवाब एबी डीविलियर्स जैसे हैवीवेट बल्लेबाजों के दम पर टीम पहली बार आईपीएल जीतने का ख्वाब बुन रही है।
अब तक जो चार शतक इस सीजन में लगे हैं उनमें से दो क्रिस गेल और एबी डीविलियर्स के नाम हैं। बुधवार को एलिमिनेटर या यूं कहिए कि नाकआउट मुकाबले में बंगलोर का सामना राजस्थान रॉयल्स से है।
इस मुकाबले में हार का मतलब बाहर हो जाना है, ऐसे में दोनों ही टीमें जीत के साथ खिताब जीतने की उम्मीदों को बनाए रखनी चाहेंगी।
आरसीबी और राजस्थान रॉयल्स दोनों के अंक तालिका में एकसमान 16-16 अंक थे लेकिन बेहतर रनरेट के आधार पर बंगलोर की टीम प्लेऑफ में तीसरे स्थान पर रही थी।
बंगलोर के लिए क्रिस गेल और विराट कोहली की सलामी जोड़ी अच्छा प्रदर्शन कर रही है। तीसरे नंबर पर डीविलियर्स के आने के बाद विपक्षी गेंदबाजों के लिए रिदम पाना मुश्किल काम होता है। गेंदबाजी में भी उसके पास मिचेल स्टार्क, डेविड वेस और स्पिनर युजवेंद्र चहल भी अच्छा प्रभाव छोड़ रहे हैं।
लीग चरण में हार-जीत के बाद फिर से जीतना चाहेगा RR
दूसरी ओर, स्टीवन स्मिथ के नेतृत्व में राजस्थान की टीम ने इस सीजन में शुरुआत तो बड़ी जोरदार की थी लेकिन बाद में उसकी लय टूटने लगी और अंतिम लीग मैच में जीत के साथ वह प्लेऑफ में जगह बनाने में सफल रही।
ऑस्ट्रेलियाई आलराउंडर शेन वाटसन कप्तानी का दायित्व छोड़ने के बाद ज्यादा बेहतर प्रदर्शन करते नजर आ रहे हैं। कोलकाता नाइटराइडर्स के खिलाफ अंतिम लीग मैच में उनके नाबाद 104 रनों की मदद से ही टीम अहम मैच जीतने में सफल रही थी।
साथी ओपनर अजिंक्य रहाणे की सबसे बड़ी खासियत यह है कि उनके प्रदर्शन में निरंतरता है। अब तक 498 रन बनाकर वह इस सीजन में सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाजों की सूची में दूसरे नंबर पर चल रहे हैं। उनके पास ओरैंज कैपधारी डेविड वार्नर (562) को पछाड़ने का भी मौका है वार्नर की टीम सनराइजर्स हैदराबाद तो अंतिम चार टीमों में पहुंच ही नहीं सकी है।
राजस्थान के पास उपयोगी जेम्स फॉकनेर आलराउंडर की भूमिका में हैं तो बल्लेबाजी में विकेटकीपर बल्लेबाज संजू सैमसन, दीपक हुड्डा, करुण नायर और गेंदबाज क्रिस मौरिस, धवल कुलकर्णी और प्रवीण तांबे भी अब तक अच्छा योगदान देते आए हैं।
नॉकआउट मुकाबले में फॉर्म और रिकॉर्ड से ज्यादा अहमियत इस बात की होगी कि कौन दबाव के बीच अपना सौ प्रतिशत देने में कामयाब हो पाता है। राजस्थान और बंगलोर के बीच अब तक 14 मुकाबले हुए हैं जिनमें दोनों टीम बराबर 7-7 जीत दर्ज करने में सफल रही हैं।
आरसीबी की टीम 2 बार (2009 और 2011) टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंची है लेकिन अब तक खिताब नहीं जीत सकी है।