पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) रविवार (16 जुलाई) को दुबई में एशियाई क्रिकेट परिषद (एसीसी) की बैठक में एशिया कप की मेजबानी का मुद्दा एक बार फिर से उठाएगा। पीसीबी एशिया कप के अधिक मैचों का आयोजन पाकिस्तान में कराने की कोशिश करेगा। पीसीबी और बीसीसीआई सहित सभी हितधारकों द्वारा हाइब्रिड मॉडल को स्वीकार किया गया था। इसके बाद एसीसी ने बताया था कि एशिया कप का आयोजन 31 अगस्त से 17 सितंबर तक होगा।
हाइब्रिड मॉडल के मुताबिक पाकिस्तान में एशिया कप के चार और श्रीलंका में नौ मैच होने हैं। बीसीसीआई द्वारा पाकिस्तान में नहीं खेलने के फैसले के बाद इस मॉडल को प्रस्तावित किया गया था। बीसीसीआई ने साफ तौर पर बता दिया था कि दोनों देशों के बीच तनावपूर्ण संबंधों के कारण वह अपनी टीम पाकिस्तान नहीं भेजेगी।
जका अशरफ
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पाकिस्तान के कारण जारी नहीं हुआ है शेड्यूल
पीसीबी क्रिकेट समिति के नए प्रमुख जका अशरफ एशिया कप की तारीखों की घोषणा के समय प्रभारी नहीं थे। उन्होंने एसीसी सदस्य बोर्ड के अधिकारियों को अपने इरादे स्पष्ट कर दिए हैं। वह इस सप्ताह की शुरुआत में आईसीसी बैठकों के लिए डरबन में मौजूद थे। एशिया कप का शेड्यूल 14 जुलाई को आने की खबर थी, लेकिन पाकिस्तान के टालमटोल के कारण मैचों का शेड्यूल अभी तक सार्वजनिक नहीं किया गया है। पाकिस्तान की मांग के बावजूद उसे अधिक मैच मिलने की संभावना नहीं है।
पीसीबी बना रहा मौसम का बहाना
पीसीबी के एक सूत्र ने समाचार एजेंसी पीटीआई से कहा, "एसीसी बैठक में पाकिस्तान यह रुख अपनाएगा कि एशिया कप के नौ मैचों की मेजबानी करने वाले श्रीलंका के आयोजन स्थलों पर बारिश के मौसम के पूर्वानुमान के कारण उसे अधिक मैच मिले।'' पीसीबी श्रीलंका के मौसम का बहाना बनाकर चार से अधिक मैचों की मेजबानी चाहता है। एसीसी एशिया कप के कार्यक्रम को अंतिम रूप देने के लिए बैठक कर रही है। पीसीबी की भंग क्रिकेट प्रबंधन समिति के अध्यक्ष नजम सेठी द्वारा प्रस्तावित हाइब्रिड मॉडल को भारत सहित एसीसी सदस्यों ने स्वीकार कर लिया।
एशिया कप 2023 हाइब्रिड मॉडल में खेला जाएगा
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दांबुला में भारत-पाकिस्तान मैच
टूर्नामेंट में भारत-पाकिस्तान के दो मैच दांबुला में होंगे। सूत्र ने कहा कि जका अशरफ सिर्फ लाहौर के बजाय और अधिक मैच चाहते हैं ताकि वे मुल्तान सहित अन्य स्थानों का भी उपयोग कर सकें। उन्होंने कहा, "प्रभारी अधिकारियों ने मुल्तान में पाकिस्तान और नेपाल के बीच मैच के साथ कार्यक्रम शुरू करने की इच्छा व्यक्त की है, जहां उन्हें लाहौर की तुलना में बड़ी भीड़ की उम्मीद है।"
मुल्तान में क्यों मैच चाहता है पीसीबी?
पीसीबी का मानना है कि मुल्तान स्टेडियम लाहौर के गद्दाफी स्टेडियम की तुलना में छोटा है। उद्घाटन मैच में स्टेडियम खचाखच भरा रहेगा तो टूर्नामेंट का माहौल तैयार होगा। पाकिस्तानी अधिकारियों को उम्मीद है कि उन्हें और अधिक मैचों की मेजबानी का मौका मिलेगा। इस टूर्नामेंट में भारत, पाकिस्तान, श्रीलंका, बांग्लादेश, अफगानिस्तान और नेपाल भाग लेंगे। टीमों को दो ग्रुपों में बांटा गया है। प्रत्येक ग्रुप से दो टीमें सुपर फोर चरण के लिए क्वालीफाई करेंगी। सुपर फोर चरण की शीर्ष दो टीमें फाइनल में आमने-सामने होंगी।