इससे पहले भी सेठी ने इस सीरीज को लेकर कहा था कि यह अच्छी खबर है कि पाकिस्तान ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की वापसी के लिए जिम्बाब्वे, विश्व एकादश और श्रीलंकाई टीमों की मेजबानी की है। ये सभी मैच लाहौर के गद्दाफी स्टेडियम में खेले गए हैं। उन्होंने कहा था कि इस सीरीज से कोई वित्तीय फायदा नहीं होगा। हमारा उद्देश्य भी इससे पैसा बनाना नहीं है, हम केवल देश में क्रिकेट की वापसी चाहते हैं और इसी दिशा में यह एक बड़ा कदम है।
बता दें कि साल 2009 में लाहौर में श्रीलंका क्रिकेट टीम की बस पर हुए आतंकवादी हमले के बाद से ही इंटरनेशनल क्रिकेट पाकिस्तान में लगभग ठप पड़ा है। इस घटना में मेहमान टीम के 6 खिलाड़ियों सहित ब्रिटिश कोच घायल हुए थे और 8 पुलिसकर्मियों की मौत हो गई थी।