भारत के इंग्लैंड में जून में आयोजित हो रही चैंपियंस ट्रॉफी में भाग लेने की पुष्टि होते ही पाकिस्तानी क्रिकेट बोर्ड PCB ने BCCI से पूछा है कि यदि भारत-पाकिस्तान आईसीसी इवेंट में आपस में खेल सकते हैं तो भारत पाकिस्तान के साथ द्वपक्षीय सीरीज में एतराज क्यों है? चैंपियंस ट्रॉफी में भारत को अपना पहला 4 जून को पाकिस्तान के खिलाफ खेलना है।
पीसीबी का यह बयान उसके द्वारा बीसीसीआई को कानूनी नोटिस भेजने के एक सप्ताह बाद आया है। जिसमें उसने भारत से हर्जाने के रूप में 69.57 मिलियन अमेरिकी डॉलर की मांग की है। नोटिस इसलिए भेजा गया है क्योंकि भारत ने पाकिस्तान के साथ 8 साल में 6 द्विपक्षीय सीरीज खेलने का करार किया था। जिनमें से पहली सीरीज साल 2015 में खेली जानी थी। बीसीसीआई ने इस समझौते का पालन नहीं किया। सीरीज का आयोजन नहीं होने के कारण पाक क्रिकेट बोर्ड को जो आर्थिक नुकसान हुआ है वह जुर्माने के रूप में उसकी भरपाई चाहता है।
पाकिस्तान के साथ क्रिकेट नहीं खेलने का BCCI के पास कोई तार्किक आधार
बीसीसीआई स्पॉन्सर से जुड़ा सदस्य
पाकिस्तान का मानना है कि भारत के पास न्यूट्रल वेन्यू पर पाकिस्तान के साथ क्रिकेट नहीं खेलने का कोई तार्किक आधार नहीं है। पीसीबी बीसीसीआई से यह जानना चाहता है कि वह हमारे साथ पिछले कुछ सालों में क्रिकेट खेलने से इंकार क्यों कर रहा है। यदि भारत सरकार उसे क्रिकेट खेलने की अनुमति नहीं दे रही है तो वह इस आदेश वाला पत्र हमें दिखाए। भारत को यह भी बताना होगा कि आपसी सहमती के आधार पर चुने गए यूएई या श्रीलंका जैसे न्यूट्रल वेन्यू पर किस तरह सुरक्षा खतरा होगा। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड की एग्जिक्यूटिव कमेटी के चेयरमैन नजम सेठी ने आगे कहा, हम जानना चाहते हैं कि असल परेशानी क्या है? भारत को हमसे बात करके इसका समाधान खोजना चाहिए।
भारत-पाकिस्तान के बीच होने वाले मुकाबले हमेशा से आयोजकों और प्रसारणकर्ताओं के लिए मोटी कमाई का जरिया होते हैं। इसलिए 4 जून को एजबेस्टन में दोनों देशों के बीच होने वाले मुकाबले पर सबकी नजरें अभी से बनी हुई हैं। इस मैच की सारी टिकट बिक चुकी हैं। भारत के साथ क्रिकेट नहीं खेलने के कारण पीसीबी के पास पैसों की बेहद कमी हो गई है।
साल 2015 में जब नजम सेठी को बीसीसीआई के मुंबई स्थित मुख्यालय पर आमंत्रित किया गया था तो उन्हें ऐसा लगा था कि उन्हें टीम इंडिया की मेजबानी करने का मौका मिल सकता है। लेकिन भारत ने भारत ने दोनों देशों के बीच क्रिकेट संबंधों की बहाली के सारे मुद्दों को दरकिनार कर दिया था।
यदि भारत सरकार को है आपत्ति तो बीसीसीआई दे स्पष्टीकरण
पीसीबी
सेठी ने आगे कहा, यदि भारत सरकार को पाकिस्तान में क्रिकेट खेलने में आपत्ति है तो हमें इस बात का स्पष्टीकरण चाहिए कि भारत को न्यूट्रल वेन्यू पर खलने में क्या परेशानी है जहां सुरक्षा कोई मुद्दा नहीं है।हालांकि भारत को पीसीबी का नोटिस मिल गया है और वह इसपर वेट एंड वाच वाला रुख अपनाए है। बीसीसीआई का कहना है कि वह पाकिस्तान को उचित जवाब भेजेगा। बीसीसीआई के सूत्र ने बताया, जैसे कि इस मुद्दे को आईसीसी के डिसप्यूट रिड्रेसल (विवाद निपटान) फोरम में पेश किया गया है। वहां ब्रिटिश कानून लागू होते हैं। इसलिए हम अपना समय लेंगे और सावधानी पूर्वक अपना जवाब आईसीसी को भेज देंगे।
पाकिस्तान के साथ खेल संबंधों की बहाली पर भारत सरकार का रुख भी नरम नहीं पड़ा है। यह बात पाकिस्तानी खिलाड़ियों को एशियाई चैंपियनशिप के लिए वीजा नहीं दिए जाने के बाद खेल मंत्री विजय गोयल के बयान से जारी होती है। उन्होंने कहा था कि आतंकवाद और खेल एक साथ नहीं चल सकते। जब तक पाकिस्तान आतंकवाद पर रोक नहीं लगाएगा उसके साथ किसी भी तरह के खेल संबंध नहीं रखे जाएंगे।