ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका के बीच टेस्ट सीरीज में उस्मान ख्वाजा शानदार लय में हैं। उन्होंने इस सीरीज के तीसरे मैच में भी 195 रन की नाबाद पारी खेली। हालांकि, कप्तान कमिंस के फैसले के चलते वह अपना दोहरा शतक नहीं कर पाए। उस्मान ख्वाजा ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में काफी ज्यादा उम्र में कमाल किया है, लेकिन अब वह लगातार बेहतरीन पारियां खेल रहे हैं।
इस मैच की पहली पारी में भी उन्होंने 368 गेंद में नाबाद 195 रन बनाए। उन्होंने अपनी पारी में 19 चौके और एक छक्का लगाया। ख्वाजा अपने दोहरे शतक के बेहद करीब थे, लेकिन तभी कप्तान कमिंस ने पारी घोषित कर दी। हालांकि, यह पहला मौका नहीं था, जब किसी कप्तान ने अपने ही खिलाड़ी का दोहरा शतक नहीं होने दिया। इससे पहले 2004 में भारत के महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर के साथ भी ऐसा ही हुआ था।
मार्च 2004 में सचिन मुल्तान के मैदान में पाकिस्तान के खिलाफ शानदार लय में थे। वह 194 रन बनाकर खेल रहे थे और उनका दोहरा शतक होना तय था, लेकिन तभी कप्तान राहुल द्रविड़ ने पारी घोषित कर दी और सचिन अपने दोहरे शतक से छह रन से चूक गए। इसके बाद फैंस कप्तान द्रविड़ से काफी नाखुश हुए थे। सचिन ने भी इस पर अपनी नाराजगी जाहिर की थी।
जडेजा के साथ भी ऐसा हुआ था
मार्च 2022 में भारत और श्रीलंका के बीच में रवींद्र जडेजा शानदार लय में थे। वह 175 रन बनाकर खेल रहे थे। ऐसे में उनका दोहरा शतक भी दूर नहीं था, क्योंकि जडेजा तेजी से रन बना रहे थे, लेकिन तभी कप्तन रोहित ने पारी घोषित कर दी और जडेजा 228 गेंद पर 175 रन बनाकर नाबाद रहे। इस समय राहुल द्रविड़ भारत के कोच बन चुके थे और कप्तान रोहित के साथ उनकी भी काफी आलोचना हुई थी।
ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका के बीच मैच में चार दिन का खेल हो चुका है। अगर ऑस्ट्रेलिया को यह मैच जीतना है तो आखिरी दिन कम से कम 14 विकेट लेने होंगे। ऑस्ट्रेलिया के पास अभी भी 326 रन की बढ़त है। हालांकि, अब इस मैच में कोई भी नतीजा निकलने की उम्मीद कम है।