ऐसा कम ही देखने को मिला है कि टीम इंडिया के तेज गेंदबाजों ने ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों से बेहतर प्रदर्शन किया हो। मगर बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में जसप्रीत बुमराह और अन्य तेज गेंदबाजों ने ऑस्ट्रेलियाई पेस बैटरी से शानदार प्रदर्शन किया है। ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाजी आक्रमण में एक चीज की जो सबसे ज्यादा कमी खली वह है रिवर्स स्विंग।
मौजूदा सीरीज में कंगारू तेज गेंदबाज पैट कमिंस, मिचेल स्टार्क और जोश हेजलवुड पुरानी गेंद से ज्यादा विकेट चटकाने में कामयाब नहीं हुए हैं। कमिंस ने चौथे और अंतिम टेस्ट से पहले कहा, 'हमने इस बारे में बात की है। चिंता की बात नहीं है कि ऐसा क्यों नहीं हुआ। शायद पहले और दूसरे दिन जब हमने गेंद डाली तो विकेट उस तरह तैयार नहीं था, जिसकी वजह से बड़ा अंतर पैदा हुआ। हमने क्रॉस-सीम के साथ गेंदबाजी की और इसका भी फायदा नहीं मिला।'
उन्होंने आगे कहा, 'कभी आपके पास वो गेंद होती है जो रिवर्स स्विंग होती है। कभी ऐसी गेंद होती है जो नहीं रिवर्स करती। इसमें कोई शक नहीं है कि टीम इंडिया के गेंदबाजों ने शानदार गेंदबाजी की। उन्होंने उन परिस्थितियों का पूरा फायदा उठाया।'
पैट कमिंस ने आगे कहा कि यह पहला मौका नहीं है जब ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाज रिवर्स स्विंग कराने में संघर्ष कर रहे हो। उन्होंने कहा, 'ईमानदारी से कहूं तो मुझे याद नहीं कि पिछली बार एशेज सीरीज में हमें काफी रिवर्स स्विंग मिली हो। मुझे नहीं लगता कि एशेज में रिवर्स स्विंग ने बड़ी भूमिका निभाई हो।'
बकौल कमिंस, 'मुझे याद है कि पिछले साल एशेज सीरीज में हमने पारंपरिक स्विंग का उपयोग किया था। हमें पता है कि इस बार भी स्विंग के सहारे खेलेंगे। यह बहुत ही अच्छी टीम है और विकेट बिलकुल सूखे हैं। हम अपनी रणनीति में सुधार करेंगे।'