पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान
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पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान की आलोचना एक पूर्व हॉकी खिलाड़ी को भारी पड़ गई। 1984 लॉस एंजिल्स ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतने वाली पाकिस्तान टीम के सदस्य राशिद अल हसन पर 10 साल का प्रतिबंध लगा दिया गया है। पाकिस्तान के खेल अधिकारियों ने यह फैसला लिया है। राशिद पर आरोप है कि उन्होंने सोशल मीडिया पर इमरान खान के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया है।
पाकिस्तान के डॉन अखबार के मुताबिक, 62 साल के राशिद ने आरोपों को आधारहीन बताया है। वे प्रतिबंध के फैसले को अदालत में चुनौती देने पर विचार कर रहे हैं। राशिद ने देश में हॉकी के स्तर में गिरावट को लेकर प्रधानमंत्री पर निशाना साधा था। इसके बाद पाकिस्तान हॉकी महासंघ (पीएचएफ) ने उन्हें दस साल के लिए प्रतिबंधित कर दिया।
राशिद ने इस मामले पर विस्तार से बात करते हुए बताया, ‘‘मैंने सोशल मीडिया से लेकर सार्वजनिक मंचों पर हमेशा प्रधानमंत्री का सम्मान किया है। मैंने एक वाट्सऐप ग्रुप में बस इतना लिखा कि इमरान खान ने कहा था कि वे हॉकी को सही रास्ते पर लाएंगे, लेकिन पिछले तीन सालों में ऐसा कुछ नहीं हुआ है। इसके साथ मैंने यह भी कहा था कि इमरान खान हॉकी के लिए कोई अच्छा काम नहीं करेंगे। मुझे देश के नागरिक के तौर पर बोलने का अधिकार हैं, लेकिन पीएम के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल नहीं किया है।’’
राशिद ने प्रतिबंध लगने के बाद कहा कि उन्हें इस फैसले पर आश्चर्य हुआ है। वे मौजूदा समय में पाकिस्तान हॉकी महासंघ में किसी भी पद पर नहीं हैं। राशिद के खिलाफ पीएचएफ ने एक जांच समिति गठित की है। कहा जा रहा है कि राशिद को महासंघ की ओर से दो नोटिस मिले थे, लेकिन उन्होंने जवाब नहीं दिया था।
नोटिस का जवाब नहीं मिलने पर पाकिस्तान हॉकी महासंघ के अध्यक्ष ब्रिगेडियर (सेवानिवृत्त) खालिद सज्जाद खोखर और सचिव आसिफ ने उन्हें प्रतिबंधित करने का फैसला सुनाया। इसकी एक प्रति पाकिस्तानी संसद की खेल संबंधी स्थायी समिति को भेज दी गई है।