वकार का पलटवार
वकार यूनिस ने ट्वीट करते हुए लिखा- '90s का लौंडा। 191 टेस्ट, 618 वनडे, 1705 विकेट, 8594 रन, पारी में पांच विकेट 66 बार, टेस्ट में 10 विकेट 10 बार। बुरा नहीं है।' वकार ने इसमें अपने और वसीम के स्टैट्स को मिलाकर लिखा है। साथ ही उन्होंने अपनी और वसीम की साथ में तस्वीर साझा करते हुए लिखा, 'अच्छे पुराने दिन।' वसीम अकरम ने पाकिस्तान के लिए 104 टेस्ट और 356 वनडे खेले। टेस्ट में उनके नाम 414 विकेट और 2898 रन हैं। वनडे में वसीम ने 502 विकेट लिए और 3717 रन बनाए थे। उनके नाम टेस्ट में टेस्ट में 25 और वनडे में छह फाइव विकेट हॉल हैं। वहीं, वकार ने पाकिस्तान के लिए 87 टेस्ट और 262 वनडे खेले। टेस्ट में उनके नाम 373 विकेट और 1010 रन हैं। जबकि वनडे में उन्होंने 416 विकेट लिए और 969 रन बनाए। वकार के नाम टेस्ट में 22 और वनडे में 13 फाइव विकेट हॉल हैं। इन दोनों की गेंदबाजी से दुनिया के कई बल्लेबाज खौफ खाते थे।
'90 के दशक के खिलाड़ियों ने नहीं बख्शा'
पाकिस्तान की टीम न सिर्फ चैंपियंस ट्रॉफी, बल्कि 2023 वनडे विश्व कप और 2024 टी20 विश्व कप के पहले दौर से भी बाहर हो गई थी। इससे पहले राशिद लतीफ ने 90 के दशक के दिग्गजों पर तीखा हमला बोला था। उन्होंने नाम लिए बिना वसीम अकरम और वकार यूनिस जैसे महान खिलाड़ियों पर निशाना साधते हुए पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) से 1992 विश्व कप विजेता टीम को प्रबंधन से दूर रखने का आग्रह किया था।
लतीफ ने जियो न्यूज के शो 'हारना मना है' में कहा था, 'पाकिस्तान को दूसरा विश्व कप (2009 में टी20) जीतने में 17 साल लग गए, क्योंकि 90 के दशक के खिलाड़ियों ने पाकिस्तान क्रिकेट को नहीं बख्शा। 90 के दशक के खिलाड़ियों को प्रबंधन से और टीम से भी दूर रखें, तभी टीम जीतने की कोशिश करेगी। वे इतने लंबे समय से पाकिस्तान क्रिकेट की सेवा कर रहे हैं। इसलिए, मुझे लगता है कि उन्हें अब आराम करना चाहिए।' इसके बाद उन्होंने किसी खिलाड़ी का नाम नहीं लिया, लेकिन उन्होंने पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटरों को 'दुबई के लौंडे' कहकर बुलाया। लतीफ ने यूट्यूब शो 'कैच बिहाइंड' पर कहा, 'ये दुबई के लड़कों ने तबाही फैला दी है। दोनों एक दूसरे के तारीफें कर के खुश हो रहे हैं। जिंदगी भर लड़ते रहे और हमें आग में फेक दिया। कमाल के लोग हैं ये। इनके आगे पैसा फेंको, ये कुछ भी करेंगे।'
हफीज ने भी पूर्व खिलाड़ियों पर उठाए सवाल
इससे पहले पाकिस्तान के एक और पूर्व कप्तान मोहम्मद हफीज ने उन खिलाड़ियों की विरासत पर सवाल उठाए जो 90 के दशक और 2000 के दशक की शुरुआत में टीम के लिए खेले थे। हफीज ने अपने समय में आईसीसी टूर्नामेंट जीतने में नाकाम रहने के लिए भी पूर्व क्रिकेटरों की काफी आलोचना की। उन्होंने कहा, 'मैं उन लोगों का बड़ा प्रशंसक हूं जो 1990 के दशक में खेले थे, लेकिन जब विरासत की बात आती है तो उन्होंने पाकिस्तान के लिए कुछ नहीं छोड़ा। उन्होंने आईसीसी इवेंट नहीं जीता। वे 1996, 1999 और 2003 के विश्व कप हार गए। 1992 के बाद हम एक फाइनल (1999 विश्व कप में) में पहुंचे और वह बुरी तरह हारे। खिलाड़ी के रूप में वे तब सुपरस्टार थे...मेगा सुपरस्टार थे, लेकिन तब वे आईसीसी टूर्नामेंट जीतकर हमें प्रेरित नहीं कर सके थे। फिर मुश्किल दौर आया जिससे हम 2007 में फाइनल (टी20 विश्व कप का) हार गए। 2009 (टी20 विश्व कप) में हम यूनिस खान की कप्तानी में जीते और यह अगली पीढ़ी के लिए एक प्रेरणा थी।'
अख्तर ने हफीज को शांत करवाया
हालांकि, इसके बाद 90 के दशक में वसीम और वकार के घातक तिकड़ी बनाने वाले शोएब अख्तर ने हफीज को आंकड़े बताकर शांत करवाया था। उन्होंने कहा कि भारत के खिलाफ पाकिस्तान का जो बेहतर रिकॉर्ड है वो 90 के दशक का ही है। बाद में ये रिकॉर्ड खराब होता गया है। उन्होंने कहा, 'इसमें कोई शक नहीं है और इमरान खान के समय से ही हमारी विरासत काफी मजबूत रही है। उनके समय में कुछ शानदार क्रिकेट भी खेली गई थी।' हफीज के कुछ कहने पर शोएब ने कहा, 'नहीं, आप अब कवर नहीं कर सकते, यह वीडियो पहले ही बन चुका है। आप पहले ही सभी बड़े खिलाड़ियों के बारे में बात कर चुके हैं।'