पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने बुधवार (28 दिसंबर) को रमीज राजा को उनके बयानों के लिए कानूनी कार्रवाई की धमकी दी है। रमीज ने पीसीबी से बाहर किए जाने के बाद नई प्रबंधन समिति के खिलाफ बयान दिए। रमीज राजा ने कहा था कि उन्हें निजी सामानों को लाने के लिए भी बोर्ड के कार्यालय में नहीं जाने दिया जा रहा है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा था कि नई समिति से क्रिकेट की भलाई की उम्मीद नहीं करनी चाहिए। रमीज राजा के बयान को बोर्ड ने गंभीरता से लेते हुए बयान जारी किया और कानूनी कार्रवाई की धमकी दे दी।
बोर्ड ने अपने बयान में कहा, "पीसीबी का मानना है कि पूर्व अध्यक्ष रमीज राजा की टिप्पणियों का उद्देश्य वर्तमान अध्यक्ष नजम सेठी की प्रतिष्ठा को धूमिल करना और नुकसान पहुंचाना है। पीसीबी अपने अध्यक्ष और संस्था की छवि, विश्वसनीयता की रक्षा और बचाव के लिए कानूनी कार्रवाई करने का अधिकार सुरक्षित रखता है।"
पिछले गुरुवार को रमीज राजा को देश की सरकार ने पीसीबी अध्यक्ष के पद से हटा दिया था। सरकार ने अगले चार महीनों के लिए खेल के मामलों को चलाने के लिए नजम सेठी की अध्यक्षता में 14 सदस्यीय समिति नियुक्त की थी। अपनी बर्खास्तगी के बाद राजा ने आरोप लगाया कि सरकार द्वारा संविधान को निलंबित किए जाने के बाद उन्हें बोर्ड कार्यालय से अपना सामान भी लेने की अनुमति नहीं दी गई।
इससे पहले नजम सेठी ने रमीज राजा और पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान पर गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने कहा था, "उन्होंने (इमरान-रमीज) जो कुछ भी किया वह हमारे सामने है। अब हमें इस क्षति की मरम्मत करनी है। यह एक बड़ी चुनौती है। यह पीएसएल स्थापित करने की तुलना में 10 गुना बड़ी चुनौती है। इतनी तबाही हुई है यहां। पूरी संरचना को पहले जैसा करने और इसे चलाने के लिए रात-दिन काम करना होगा।''