भारत और पाकिस्तान की टीमें एशिया कप के फाइनल में भिड़ने के लिए तैयार हैं। यह तीसरी बार होगा जब दोनों टीमें इस टूर्नामेंट में मैच खेलेंगी। इससे पहले दो मौकों पर भारतीय टीम भारी पड़ी है, लेकिन पाकिस्तान के मुख्य कोच माइक हेसन इससे चिंतित नहीं हैं। हेसन का कहना है कि रविवार को होने वाले फाइनल का नतीजा मायने रखेगा।
एशिया कप के फाइनल में पहली बार भिड़ेंग भारत-पाकिस्तान
एशिया कप के 41 वर्ष के इतिहास में यह पहली बार होगा जब भारत और पाकिस्तान की टीमें खिताबी मुकाबले में आमने-सामने होंगी। भारत ने पहले ग्रुप चरण में पाकिस्तान को सात विकेट से हराया था फिर सुपर चार चरण के मैच में चिर प्रतिद्वंद्वी टीम को छह विकेट से मात दी थी। पाकिस्तान ने बांग्लादेश को हराकर फाइनल के लिए क्वालिफाई किया है।
हेसन से जब पूछा गया कि रविवार के फाइनल के लिए उन्होंने खिलाड़ियों को क्या संदेश दिया है तो हेसन ने कहा, हमें पता है कि हम 14 सितंबर को और 21 सितंबर को खेले थे, लेकिन अब सिर्फ एक ही मैच मायने रखता है और वह है फाइनल। हमारा फोकस उसी पर है। हम सही समय पर अपना सर्वश्रेष्ठ खेल दिखाने की कोशिश करेंगे। अब हमें इस मौके का पूरा फायदा उठाना है। अब हमारा पूरा फोकस ट्रॉफी जीतने पर होना चाहिए और हम हर समय यही बात कर रहे हैं।
साहिबजादा-रऊफ को लेकर क्या बोले हेसन?
अभी तक भारतीय मीडिया के सवालों का जवाब देने से इनकार करते आ रहे पाकिस्तान के मीडिया मैनेजर नईम गिलानी ने आखिर भारतीय पत्रकारों के सवाल का जवाब दिया। यह पूछने पर कि बाहर लोगों की राय और भारत के खिलाफ मैच के दौरान भड़काऊ इशारे करने वाले अपने खिलाड़ियों साहिबजादा फरहान और हारिस रऊफ के खिलाफ आईसीसी की सुनवाई को लेकर टीम की प्रतिक्रिया क्या है? इस पर कोच ने कहा, मेरा संदेश यही है कि खेल पर फोकस करो और हम वही करेंगे। इन चीजों के बारे में मुझसे ज्यादा आपको पता है। मैं क्रिकेट पक्ष ही देखता हूं। इशारों की जहां तक बात है तो इतने दबाव वाले मैच में जुनून तो रहता ही है, लेकिन हमारा फोकस अच्छा क्रिकेट खेलने पर है।
हेसन ने इस धारणा को भी खारिज किया कि उनके बल्लेबाज स्पिनरों को भांप नहीं पा रहे हैं। उन्होंने कहा, मैने सुना है कि लोग कह रहे हैं कि हम स्पिनर के हाथ से गेंद को भांप नहीं पा रहे हैं। मैं इसका जवाब पहले भी दे चुका हूं। गेंद हाथ से निकलने के बाद भी उसे भांपकर आप बखूबी खेल पा रहे हैं तो क्या हर्ज है।