पाकिस्तान के रावलपिंडी क्रिकेट स्टेडियम पर अब अंतरराष्ट्रीय मैचों की मेजबानी से निलंबित होने का खतरा मंडरा रहा है। दरअसल, इस मैदान को आईसीसी ने दो डिमेरिट अंक दिए हैं और 'औसत से नीचे' का दर्जा दिया है। इस मैदान पर पाकिस्तान बनाम इंग्लैंड टेस्टी सीरीज का पहला मैच खेला गया था। यह लगातार दूसरी बार है जब यह पिच सवालों के घेरे में आई है। पिछली 'औसत से नीचे' वाली रेटिंग ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट मैच के दौरान आई थी, जो इस साल मार्च में खेला गया था और ड्रॉ पर समाप्त हुआ था। आगे के डिमेरिट अंक आयोजन स्थल के लिए कयामत ढा सकते हैं।
आईसीसी ने प्रेस रिलीज ने कहा- रावलपिंडी को अब आईसीसी पिच और आउटफील्ड मॉनिटरिंग प्रक्रिया के तहत लगातार दो टेस्ट में दो डिमेरिट अंक प्राप्त हुए हैं और यदि इससे ज्यादा डिमेरिट अंक हो जाते हैं तो किसी भी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच की मेजबानी से निलंबित होने का खतरा हो सकता है। डिमेरिट अंक पांच साल के लिए सक्रिय रहते हैं। पांच साल की अवधि तक अगर उस पिच को पांच डिमेरिट पॉइंट मिलते हैं तो उसे 12 महीने की अवधि के लिए किसी भी अंतरराष्ट्रीय मैच की मेजबानी से निलंबित कर दिया जाएगा।
इंग्लैंड ने रावलपिंडी में पहला टेस्ट 74 रनों से जीता था। टीम ने गेंदबाजी, बल्लेबाजी से लेकर फील्डिंग तक में पाकिस्तान को पीछे छोड़ दिया था। पीसीबी अध्यक्ष रमीज राजा सहित कई लोगों का मानना था कि पिच परिणाम देने के लिए अनुकूल थी। वहीं, मैच रेफरी एंडी पाइक्रॉफ्ट ने मंगलवार को अपनी रिपोर्ट जारी की। पाइक्रॉफ्ट ने कहा- यह एक बहुत ही सपाट पिच थी जिसने किसी भी प्रकार के गेंदबाज को लगभग कोई सहायता नहीं दी थी।
उन्होंने कहा- मैच के दौरान पिच मुश्किल से खराब हुई थी। चूंकि इसमें गेंदबाजों के लिए कोई मदद नहीं थी, इसलिए मैंने पिच को आईसीसी के दिशानिर्देशों के अनुसार 'औसत से नीचे' पाया। इंग्लैंड ने रावलपिंडी टेस्ट में लगभग सात रन प्रति ओवर की दर से 921 रन बनाए। वे टेस्ट मैच के इतिहास में पहले दिन 500 से अधिक रन बनाने वाली पहली टीम बन गई। उन्होंने 75 ओवर में इतने रन बना लिए थे।
पहली पारी में भी पाकिस्तान के बल्लेबाजों ने भी अच्छी बल्लेबाजी की। उनके तीन बल्लेबाजों ने शतक बनाए और वे 579 रन बनाकर ऑलआउट हो गए। दूसरी पारी में जेम्स एंडरसन और ओली पोप ने अंतिम दो सत्रों में गेंदबाजी से मैच पलट दिया और पाकिस्तान पर रोमांचक जीत हासिल की। रावलपिंडी टेस्ट मैच के दौरान सात बल्लेबाजों ने शतक जड़ा। इसके बाद मुल्तान में खेले गए दूसरे टेस्ट में इंग्लैंड ने पाकिस्तान को 26 रन से हरा दिया था और सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त बना ली थी। 17 दिसंबर से तीसरा टेस्ट खेला जाएगा।