हाल ही में इंग्लैंड के खिलाफ पहले टेस्ट में पाकिस्तान की हार के बाद पीसीबी ने एक नया चयन पैनल नियुक्त किया था। यह तीन महीने में तीसरे चयन पैनल की नियुक्ति है। इसमें आकिब जावेद, अलीम दार, अजहर अली, असद शफीक और हसन चीमा शामिल हैं। जबकि कोच और कप्तान दोनों के चयन का अधिकार इनसे बाहर रखा गया है। दार ने कथित तौर पर मुल्तान में दूसरे टेस्ट के लिए एक नई पिच तैयार करने का विचार रखा था। इसी की बदौलत पाकिस्तान ने इंग्लैंड के खिलाफ बाकी दोनों टेस्ट जीते थे। जबकि आकिब ने भी इसका समर्थन किया था। इस बदलाव के बाद सफेद गेंद के कप्तान रिजवान ने चुटकी लेते हुए कहा था कि पाकिस्तान अब टेस्ट के दौरान 'आकिब-बॉल' खेल रहा है।
आईपीएल में गुजरात टाइटंस के मेंटर की भूमिका निभाने के बाद इस साल मई में पाकिस्तान की टीम के साथ बतौर कोच कर्स्टन का कार्यकाल शुरू हुआ था। यह कई चुनौतियों से भरा रहा था। पाकिस्तान को उनके मार्गदर्शन में इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज हार का सामना करना पड़ा और इसके बाद टी20 विश्व कप में पाकिस्तान की टीम पहले ही दौर से बाहर हो गई थी। उन्हें इस टूर्नामेंट के दौरान अमेरिका और भारत से हार का सामना करना पड़ा। इसकी वजह से टीम पहले दौर से ही बाहर हो गई थी।
यह अप्रत्याशित बदलाव पीसीबी के लिए चिंता पैदा करने वाला है क्योंकि आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी में अब चार महीने से भी कम समय बचा है। इस बार चैंपियंस ट्रॉफी की मेजबानी पाकिस्तान के पास है। पाकिस्तान दो दशकों में पहली बार किसी आईसीसी टूर्नामेंट की मेजबानी करने जा रहा है। हालांकि, अभी तक इस बात की पुष्टि नहीं हो सकी है पाकिस्तान इसकी मेजबानी करने जा रहा है या नहीं, क्योंकि भारत ने अभी तक हिस्सा लेने को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है। मीडिया रिपोर्ट्स में हाईब्रिड मॉडल को लेकर भी कई बातें कही जा रही हैं। इतना ही नहीं पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड भी बीसीसीआई को कई सुझाव दे रहा है। बीसीसीआई ने अब तक टीम भेजने को लेकर कोई बयान नहीं दिया है।