एशिया कप में लगातार दो मैच जीतकर सुपर चार चरण के लिए क्वालिफाई कर चुकी भारतीय टीम का सामना अब शुक्रवार को ग्रुप ए के अंतिम मैच में ओमान से होगा। भारत ने यूएई और पाकिस्तान को एकतरफा मैच में हराया। टीम इन दोनों ही मैचों में तीन स्पिनर एक विशेषज्ञ तेज गेंदबाज को लेकर उतरी थी और अब देखना दिलचस्प होगा कि ओमान के खिलाफ भारत रणनीति में कोई बदलाव करता है या नहीं।
प्लेइंग-11 में बड़ा बदलाव करने से बचना चाहेगा भारत
भारतीय टीम प्रबंधन ओमान के खिलाफ मैच के लिए प्लेइंग-11 में कोई बड़ा बदलाव करने से बचान चाहेगा, लेकिन इस बात की अधिक संभावना है कि तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह को इस मैच से आराम दिया जाए। भारत सुपर चार में 21, 24 और 26 सितंबर को अपने मैच खेल सकता है, इसके बाद 28 सितंबर को फाइनल होगा। ऐसे में टूर्नामेंट की प्रबल दावेदार यह टीम अगर खिताबी मुकाबले के लिए क्वालिफाई करती है तो उसे सात दिनों में चार मैच खेलने पड़ सकते हैं।
बुमराह के कार्यभार प्रबंध को लेकर हमेशा से ही चर्चा चलती है और ओमान के खिलाफ मैच से भारत आगे के लिए अपनी तैयारियां परखेगा। ऐसे में टीम प्रबंधन बुमराह को आराम देने पर विचार कर सकता है। टीम प्रबंधन अपने प्रमुख तेज गेंदबाज को आगे के चुनौतीपूर्ण दौर के लिए तरोताजा रखने के महत्व को समझता है। बुमराह खुद मैच से बाहर रहना चाहते हैं या नहीं, इसका पता नहीं चला है लेकिन यह फैसला व्यावहारिक होने की उम्मीद है क्योंकि उन्हें किसी कम महत्व वाले मैच की जगह टूर्नामेंट के आखिरी चरण के लिए पूरी तरह से तैयार रखना बेहतर है विकल्प है।
अर्शदीप या हर्षित को मिल सकता है मौका
अगर बुमराह बाहर रहे तो उनकी जगह अर्शदीप सिंह या हर्षित राणा में से किसी को मौका मिल सकता है। अर्शदीप का दावा हालांकि मजबूत होगा क्योंकि वह अधिक अनुभवी हैं और टी20 अंतरराष्ट्रीय में 100 विकेट पूरा करने के करीब है। बल्लेबाजी के मोर्चे पर शीर्ष और मध्यक्रम के बल्लेबाज मैच की परिस्थितियों में क्रीज पर अधिक समय बिताना पसंद करेंगे।
यूएई और पाकिस्तान के खिलाफ भारत के शुरुआती दो मैच एकतरफा रहे थे और ऐसे में ओमान के खिलाफ बैखौफ बल्लेबाजी कर टीम बांग्लादेश, अफगानिस्तान और श्रीलंका जैसे मुश्किल प्रतिद्वंद्वियों से भिड़ने से पहले अपने खेल को और बेहतर कर सकती है। भारत ने यूएई को नौ विकेट से, जबकि पाकिस्तान को सात विकेट से शिकस्त की थी। दोनों ही मैचों में भारत की गेंदबाजी काफी अच्छी रही थी और भारत ने कम लक्ष्य का आसानी से पीछा किया था।