भारतीय टीम के अनुभवी विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत ने कार दुर्घटना में घायल होने के बाद डॉक्टर से पहले यही सवाल किया था कि वह फिर से खेल पाएंगे या नहीं। पंत दिसंबर 2022 में कार दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गए थे और उन्हें मुंबई के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था। पंत का इलाज करने वाले प्रसिद्ध आर्थोपेडिक सर्जन डॉ दिनेशॉ पारदीवाला ने खुलासा करते हुए बताया कि पंत को मैदान पर उतरने की चिंता सता रही थी।
635 दिनों बाद मैदान पर की थी वापसी
पंत ने पिछले साल आईपीएल से मैदान पर वापसी की थी और वह टी20 विश्व कप 2024 की विजेता टीम में शामिल रहे थे। कार दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद पंत ने हार नहीं मानी और 635 दिनों के बाद क्रिकेट के मैदान पर वापसी करने में सफल रहे थे। पंत फिलहाल इंग्लैंड दौरे पर गई भारतीय टीम का हिस्सा हैं और उन्होंने लीड्स टेस्ट की दोनों पारियों में शतक लगाया था।
पारदीवाला ने कहा, ऋषभ पंत बहुत भाग्यशाली थे कि वे जीवित बच गए। वह वास्तव में बहुत भाग्यशाली थे। जब उन्हें अस्पताल लाया गया तो उनका दाहिना घुटना टूटा हुआ था। उनके दाहिने टखने में भी चोट थी, शरीर पर कई अन्य छोटी-मोटी चोटें थीं। उनकी त्वचा का बहुत ज्यादा हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया था। फिर कार से बाहर निकलते समय टूटे हुए कांच के कारण उनकी पीठ की त्वचा का काफी हिस्सा छिल गया।
पारदीवाला बोले- खुद से ब्रश भी नहीं कर पा रहे थे पंत
पारदीवाला ने उस दिन को याद किया जब पंत को मुंबई के अस्पताल में लाया गया था, उनका पहला सवाल था,'क्या मैं कभी दोबारा खेल पाऊंगा।' उनकी मां हालांकि अधिक व्यावहारिक थीं जिन्होंने डॉक्टर से पूछा कि क्या वह दोबारा चल पाएगा? पारदीवाला ने बताया कि सर्जरी के बाद कई सप्ताह तक यह युवा क्रिकेटर ब्रश नहीं कर पाया था। उन्होंने कहा, 'वह वास्तव में अपने हाथ नहीं हिला सकता था। वे पूरी तरह से सूज गए थे। वह वास्तव में शुरू में अपने दोनों हाथों को हिला नहीं सकता था।' पंत जब चलने लगे तो फिर वह बेंगलुरु स्थित राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी चले गए और इसके बाद क्रिकेट में वापसी करने में सफल रहे।