भारत के महान गेंदबाजों में स्पिनर अनिल कुंबले का नाम रिकॉर्ड बुक में सबसे ऊपर दर्ज है। वह टेस्ट में भारत के सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज हैं। उनके नाम 132 टेस्ट में 619 विकेट हैं। विश्व में वह इस मामले में चौथे स्थान पर हैं। उनसे आगे श्रीलंका के पूर्व स्पिनर मुथैया मुरलीधरन (800), ऑस्ट्रेलिया के पूर्व स्पिनर शेन वार्न (708) और इंग्लैंड के मौजूदा तेज गेंदबाज जेम्स एंडरसन (640) हैं।
कुंबले ने रणजी में बरपाया था कहर
कुंबले ने 1990 में टेस्ट डेब्यू किया था और 2008 में संन्यास लिया। हालांकि, आज का दिन (17 जनवरी) उनके लिए खास है। इस दिन दो बार दो ऐसे मौके आए जब कुंबले का नाम रिकॉर्ड बुक में दर्ज हो गया। पहला मौका 1995 में आया था। 17 जनवरी 1995 को कुंबले ने रणजी ट्रॉफी में एक मुकाबले में सबसे ज्यादा विकेट लेने का रिकॉर्ड बनाया था। उन्होंने कर्नाटक से खेलते हुए केरल के खिलाफ थालसेरी में 99 रन देकर 16 (दोनों पारी) विकेट चटकाए थे।
सुंदरम और जलज रन लुटाने के मामले में पीछे
यह तब से लेकर अब तक 27 साल से रणजी ट्रॉफी में सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी है। इसके अलावा राजस्थान के पी सुंदरम ने दोनो पारियों को मिलाकर 154 रन देकर 16 विकेट लिए थे। विकेट लेने के मामले में वह कुंबले के बराबर हैं, लेकिन रन उन्होंने ज्यादा खर्च किए थे। इसके अलावा मध्य प्रदेश के स्पिन ऑलराउंडर जलज सक्सेना ने भी 154 रन देकर 16 विकेट लिए है। सुंदरम और जलज दोनों संयुक्त रूप से दूसरे नंबर पर हैं।
2008 में कुंबले ने पूरे किए 600 विकेट
2008 में 17 जनवरी के दिन कुंबले ने कमाल किया था। तब भारत ऑस्ट्रेलिया के दौरे पर थी और पर्थ के वाका में टेस्ट मैच खेला जा रहा था। कुंबले ने इस मैच में एंड्र्यू साइमंड्स को आउट कर टेस्ट क्रिकेट में 600 विकेट पूरे किए थे। उस वक्त वह यह मुकाम हासिल करने वाले मुरलीधरन और वार्न के बाद तीसरे गेंदबाज थे। अब एंडरसन कुंबले को पीछे छोड़ चुके हैं। यह मुकाम हासिल करने वाले वह भारत के इकलौते गेंदबाज हैं। भारत ने पर्थ टेस्ट 72 रन से जीता था। हालांकि, सीरीज 2-1 से गंवा दी थी।