यह विश्व कप कई मायनों में खास था। 1983 के बाद भारत पहली बार विश्व चैंपियन बना था। इससे पहले सौरव गांगुली की कप्तानी में 2003 में फाइनल ऑस्ट्रेलिया से हारना पड़ा था। सचिन तेंदुलकर का भी आखिरी विश्व कप था, जिसे भारतीय खिलाड़ियों ने जीतकर उन्हें समर्पित किया। सचिन के सम्मान में टीम द्वारा उन्हें कंधों पर उठाकर पूरे मैदान का चक्कर लगवाना एक ऐसा लम्हा है, जिसे देखकर आज भी हर भारतीय की आंखें नम हो जाती है।