इंग्लैंड की पहली पारी में शानदार शतक लगाने वाले शीर्ष क्रम के बल्लेबाज ओली पोप ने कहा कि पिछले साल भारत के खिलाफ उसकी धरती पर खेली गई टेस्ट सीरीज में असफल रहने के बाद टीम में उनकी जगह को लेकर हो रही चर्चाओं पर ध्यान न देने से उन्हें वापसी करने में मदद मिली।
पिछले साल भारत दौरे पर रहे थे फ्लॉप
इंग्लैंड के उपकप्तान पोप ने पिछले साल भारत के खिलाफ हैदराबाद में खेले गए पहले टेस्ट में 196 रन बना कर शानदार शुरुआत की थी, लेकिन इसके बाद जसप्रीत बुमराह और भारतीय स्पिनरों ने उनकी कमजोरी का खुलासा करने में देर नहीं लगाई। वह अगले चार मैच में केवल 40 रन बना पाए जिससे टीम में उनकी जगह को लेकर चर्चा होने लगी थी।
पोप ने कहा, मैं बस यह सुनिश्चित करने की कोशिश कर रहा हूं कि मेरा खेल यथासंभव बेहतर स्थिति में रहे और जब मैं बल्लेबाजी के लिए मैदान में उतरूं तो मौके का पूरा फायदा उठाने की कोशिश करूं। मैंने बाहर हो रही चर्चाओं पर ध्यान नहीं दिया और खुद को मानसिक रूप से मजबूत करने और अपने खेल को बेहतर बनाने पर ध्यान केंद्रित किया।
पोप ने मानसिकता में बदलाव लाने की कोशिश की
पोप ने अपनी मानसिकता में बदलाव लाने की कोशिश की है, जिससे उन्हें अपने पहले 30 रन तक पहुंचने के लिए बहुत अधिक दबाव महसूस नहीं होता और फिर वह बड़ी पारी खेलने के लिए तैयार हो जाते हैं। उन्होंने कहा, यह अपने खेल को थोड़ा बेहतर बनाने का प्रयास है। यह प्रक्रिया से जुड़ा है जिसका मैं पूरा आनंद लेकर आगे बढ़ना चाहता हूं। मैं रन बनाने के लिए किसी तरह की जल्दबाजी नहीं दिखाना चाहता हूं। मेरा प्रयास रहता है कि मेरा डिफेंस यथासंभव अच्छा रहे।
अपनी शतकीय पारी के बारे में पोप ने कहा, यह निश्चित रूप से एक ऐसी पारी थी जिसका मैंने वास्तव में आनंद लिया। मैं जिस तरह से खेल रहा था उससे मैं बहुत खुश हूं और मैं अपने खेल के स्तर से भी खुश हूं।