दक्षिण अफ्रीका के पूर्व क्रिकेटर जोंटी रोड्स मानते हैं कि भारतीय टीम में रोहित शर्मा जैसा अनुभवी खिलाड़ी होना टीम इडिया के लिए बेहद फायदेमंद हो सकता है। दो बार की चैंपियन टीम आईसीसी पुरुष वनडे विश्व कप की तैयारी की दिशा में आगे बढ़ रही है। दाएं हाथ के 39 वर्षीय ओपनर रोहित शर्मा ने अपने वनडे करियर में 288 मैच खेले हैं, जिसमें 48.95 की औसत के साथ 11,895 रन बनाए हैं। इस दौरान उनके बल्ले से 34 शतक और 62 अर्धशतक निकले।
रोहित शर्मा
- फोटो : BCCI
वनडे में तीन दोहरे शतक लगा चुके हैं रोहित
रोहित इस फॉर्मेट में तीन दोहरे शतक लगा चुके हैं। वह वनडे विश्व कप 2019 में सर्वाधिक रन बनाने वाले खिलाड़ी थे और उन्होंने घरेलू मैदान पर खेले गए विश्व कप 2023 में भारत को उपविजेता बनाने में अहम भूमिका निभाई थी।
रोड्स ने कहा, आपको यह याद रखना होगा कि विश्व कप का अनुभव एक ऐसी चीज है जिसे हम अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं। हम खिलाड़ियों के टैलेंट, उनकी काबिलियत और उनके प्रदर्शन पर ध्यान देते हैं। हो सकता है कि उन्होंने कोई शानदार पारी खेली हो या अच्छा सीजन बिताया हो, लेकिन जब दबाव वाले पलों की बात आती है, तो विश्व कप में दबाव बहुत ज्यादा होता है। खिलाड़ी शारीरिक रूप से तो खुद को संभाल सकते हैं, लेकिन मानसिक मजबूती एक ऐसी चीज है, जिसे हम अक्सर टीम चुनते समय ध्यान में नहीं रखते, लेकिन एक ऐसे व्यक्ति के तौर पर जिसने चार क्रिकेट विश्व कप खेले हैं और दो बार सेमीफाइनल से आगे नहीं बढ़ पाया। मैं जानता हूं कि यह कितना तनावपूर्ण हो सकता है। इसलिए विश्व कप में रोहित शर्मा जैसा खिलाड़ी होना बहुत बड़ी ताकत है।
विराट कोहली
- फोटो : BCCI
रोड्स ने कोहली के जज्बे की तारीफ की
रोड्स ने अनुभवी बल्लेबाज विराट कोहली के जबरदस्त प्रतिस्पर्धी जज्बे की भी तारीफ की और उनकी तीव्रता की तुलना अतीत की दबदबा बनाने वाली ऑस्ट्रेलियाई टीमों की आक्रामक मानसिकता से की। रोहित की तरह कोहली भी वनडे प्रारूप में भारतीय बल्लेबाजी क्रम के मुख्य स्तंभ रहे हैं। कोहली 314 वनडे मुकाबलों में 58.59 की औसत के साथ 14,941 रन बना चुके हैं जिसमें 54 शतक और 79 अर्धशतक हैं।
रोड्स ने कहा, हमने ऑस्ट्रेलिया को कई विश्व कप जीतते देखा है और उनका आक्रामक रवैया और जीत की उम्मीद भी देखी है। मुझे लगता है कि विराट भी ऐसे ही हैं। उनमें अपनी टीम के लिए मैच जीतने की जबरदस्त भूख रही है। जब आप किसी टीम के लीडर और कप्तान होते हैं और लगातार दुनिया के सबसे अच्छे चेजर बने रहते हैं, तो यह दिखाता है कि आप टीम को जीत दिलाने के लिए कितने पक्के इरादे वाले हैं। इतने लंबे समय से लक्ष्य का पीछा करते हुए, वह भारत के लिए मैच को शानदार ढंग से खत्म करने वाले खिलाड़ी रहे हैं।
उन्होंने कहा, इस नजरिए से देखें तो उन्हें उस आक्रामकता से ऊर्जा मिलती है। बल्लेबाजी करते समय उन्हें इससे कोई परेशानी नहीं होती। कई खिलाड़ी अपना ध्यान नहीं भटकने देना चाहते, लेकिन अगर वह बल्लेबाजी कर रहे होते हैं, तो वह पूरी तरह से मुकाबले में डट जाते हैं। वह निश्चित रूप से ऐसे खिलाड़ी हैं जिन्हें मुकाबला और संघर्ष पसंद है। उनमें भारत के लिए मैच जीतने का बहुत बड़ा जुनून है, और चाहे वह कप्तान हों या न हों, उनमें यह जुनून बना रहेगा। वह बस यही चाहते हैं कि भारत जीते।