ICC से बात करते हुए रोहित ने यह भी खुलासा किया कि चयनकर्ताओं द्वारा भारत की टीम चुनते समय उनकी उपेक्षा करने के बाद उन्होंने फैसला किया था कि वह पूरा विश्व कप नहीं देखेंगे। रोहित ने कहा- 2011 (विश्व कप) हम सभी के लिए एक यादगार पल था। मुझे याद है कि मैंने इसे घर से देखा था। हर एक मैच, हर एक गेंद जो फेंकी जा रही थी और जिसे खेला जा रहा था। मेरे लिए तब दो तरह की भावनाएं थीं। एक तो जाहिर तौर पर यह था कि मैं टीम का हिस्सा नहीं था, इसलिए मैं थोड़ा निराश था।
रोहित ने कहा- मैंने फैसला किया कि मैं विश्व कप नहीं देखूंगा, लेकिन फिर दूसरी चीज जो मुझे याद है वह यह थी कि भारत क्वार्टर फाइनल के बाद बहुत अच्छा खेल रहा था। आप जानते हैं , बड़ा सेमीफाइनल पाकिस्तान के खिलाफ था। मुझे पता है कि इस मैच को खेलते समय खिलाड़ियों पर कितना दबाव होता है। मैं केवल कल्पना कर सकता हूं कि हर एक खिलाड़ी उस समय किस दबाव से गुजरा होगा। या फिर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ क्वार्टर फाइनल, जिसमें युवी (युवराज) और रैना ने शानदार प्रदर्शन किया था।
रोहित ने 2015 और 2019 विश्व कप के बारे में भी बात की। हालांकि, वह इन दोनों टूर्नामेंट का हिस्सा थे, लेकिन भारत उनमें फाइनल तक पहुंचने से चूक गया था। हिटमैन ने कहा- 2015 और 2019 वनडे विश्व कप में मैं टीम का हिस्सा था। तब विश्व कप खेलना वास्तव में अच्छा लगा। हम सेमीफाइनल में पहुंचे, साथ ही फाइनल में पहुंचने और अच्छा खेलने की हर संभव कोशिश की, लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण तरीके से हम हार गए और फाइनल में नहीं पहुंच सके।
रोहित ने 2023 वनडे विश्व कप की तैयारियों को लेकर बात करते हुए कहा- आप जानते हैं हम फिर से घर में टूर्नामेंट खेलेंगे। इसलिए उम्मीद है कि हम चीजों को बदल सकते हैं, लेकिन अभी भी एक लंबा रास्ता तय करना है। आप एक या दो दिन में विश्व कप नहीं जीत सकते। आपको पूरे एक-डेढ़ महीने तक अच्छा खेलना होगा और हर विभाग में कंसिस्टेंट रहना होगा। इसलिए हम अपनी तरफ से हर तरह की कोशिश कर रहे हैं, ताकि विश्व कप के लिए पूरी तरह से तैयार रह सकें।