कोहली ने कहा, ‘वह (इशांत) बिल्कुल सामान्य दिखे और चोट लगने से पहले की तरह ही गेंदबाजी करते दिखे। वह फिर से अच्छी जगहों पर गेंद डालने लगे हैं। वह पहले भी न्यूजीलैंड में टेस्ट क्रिकेट खेल चुके हैं। अत: उनका अनुभव हमारे लिए लाभदायक होगा। उन्हें अच्छी गति से गेंदबाजी करते और अच्छी जगहों पर गेंद डालते देखना वास्तव में सुखद है। पृथ्वी एक प्रतिभावान खिलाड़ी हैं और उनके पास खेलने का अपना तरीका है। हम चाहेंगे कि वह अपना सहज खेल जारी रखे और नैसर्गिक तरीके से खेलते रहे। इन लड़कों पर किसी भी तरीके से बेहतर प्रदर्शन करने जैसा कोई बोझ नहीं है। उन्हें विदेश में अच्छा खेलने को लेकर कोई घबराहट नहीं है। मयंक ने जिस तरह से ऑस्ट्रेलिया में प्रदर्शन किया था, पृथ्वी भी न्यूजीलैंड में ठीक वैसा कर सकते हैं। बिना डर के खेलने वाले कुछ खिलाड़ियों का होना पूरी टीम का मनोबल बढ़ाता है। इससे हमें ऐसी शुरुआत मिलती है जो टीम चाहती है और विपक्ष से किसी भी तरह से इसपर असर नहीं पड़ता है।’
बुधवार को हुए नेट अभ्यास पर गौर करें तो पहले मैच में ऋद्धिमान साहा टीम में विकेटकीपर के रूप में ऋषभ पंत की जगह ले सकते हैं। पंत ने अभ्यास मैच में कुछ खास प्रदर्शन नहीं किया था और क्रिकेट के सबसे बड़े फॉर्मेट में साहा ने पिछले कुछ समय से बल्ले और विकेट से अच्छा प्रदर्शन किया है।
जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद शमी और इशांत शर्मा टीम के तीन विशेषज्ञ तेज गेंदबाज हो सकते हैं जबकि छठे स्थान के बल्लेबाज हनुमा विहारी पांचवें गेंदबाज की भूमिका निभा सकते हैं। अश्विन अकेले विशेषज्ञ फिरकी गेंदबाज हो सकते हैं। हालांकि जडेजा की हरफनमौला प्रतिभा को भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है। इशांत रणजी ट्रॉफी के दौरान टखने में चोट लगने के बाद तीन सप्ताह से टीम से बाहर थे। उन्होंने नेट में सधी गेंदबाजी की और बल्लेबाजों को गति एवं उछाल से हैरान कर उन्होंने सराहना भी बटोरी।