भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के पास पेशेवर निशानेबाजों द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाली वाल्थर राइफल है। वह भारतीय राष्ट्रीय राइफल महासंघ (एनआरएआई) के आजीवन सदस्य भी है, ऐसे में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कहने के बाद उनके पास निशानेबाजी में हाथ आजमाने का विकल्प होगा। वाल्टर राइफल का यही एलजी 300 एक्सटी वाल्टर कार्बोनटेक मॉडल बीजिंग ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतने वाले भारतीय निशानेबाज अभिनव बिंद्रा के पास भी है।
शरीफ प्रमुख भारतीय निशानेबाजों के लिए उपकरणों के लिए शीर्ष आयातकों में से एक है। धोनी के साथ संन्यास की घोषणा करने वाले सुरेश रैना से हाल ही में निशानेबाज मानवादित्य सिंह राठौर ने बताया था कि धोनी निशानेबाजी में पेशेवर की तरह हैं। मानवादित्य ओलंपिक रजत-पदक विजेता राज्यवर्धन सिंह राठौड़ के बेटे हैं। मानवादित्य ने बताया कि जब धोनी उनके घर आए थे तब से वह उनकी निशानेबाजी से प्रभावित है। उन्होंने कहा, 'निशानेबाजी में भी उनकी काफी रुचि है। मुझे लगता है कि वह हर समय सही निशाना साधते हैं।'
धोनी ने अतीत में अपने निशानेबाजी कौशल का प्रदर्शन किया है। 2017 में जब कोलकाता में बारिश के कारण एक टीम अभ्यास सत्र रद्द हो गया था, तब धोनी कोलकाता पुलिस प्रशिक्षण स्कूल गए थे और पिस्टल निशानेबाजी में अपना हाथ आजमाया था। कोलकाता पुलिस ने तब कहा था कि उनकी सटीकता शानदार है।'