शंकर ने कहा, ''मैच के बाद मैंने खुद को कमरे में बंद कर लिया था। मैं बहुत मायूस था, लेकिन जब बाद में कार्तिक मेरे पास आए और मेरे हौंसला बढ़ाया तो कुछ अच्छा लगा। कार्तिक के आने के ही वजह से मैं उस रात सो पाया। अगर यह मैच हम हार जाते तो इसका जिम्मेदार मैं ही होता। मैं शॉट नहीं मार पा रहा था और डॉट बॉल किए जा रहा था, जिसकी वजह से हमारे लिए मैच जीतना मुश्किल होता चला गया।
एक ओर जहां शंकर की आलोचना हो रही थी वहीं, कार्तिक ने उनका बचाव करते हुए कहा कि उनके पास टेलेंट हैं। उन्होंने गेंदबाजी से शानदार प्रदर्शन किया। उनका भविष्य शानदार है, उनका एटिट्यूट अच्छा है साथ ही वह लंबे समय तक खेल सकता है।