नए साल का पहला वनडे मैच बारिश से धुल गया लेकिन दूसरा मैच बेहद दिलचस्प रहा। इस मुकाबले में जहां 7 बल्लेबाज 0 पर आउट हो गए तो वहीं 4 तो एक रन ही बना सके यानी कि मैच में खेलने वाले 11 बल्लेबाजों ने सिर्फ 4 रन बनाए। साल की शुरुआत 2 जनवरी को न्यूजीलैंड और श्रीलंका के बीच वनडे मैच से होनी थी लेकिन लगातार बारिश ने खेल में बाधा डाल दी जिससे मैच को रद्द कर दिया गया।
लेकिन इसी दिन इस मैच के कुछ घंटे बाद शारजाह में साल का दूसरा वनडे मैच खेला गया जो बेहद उतार-चढ़ाव वाला भी साबित हुआ। अफगानिस्तान जैसी नवोदित टीम ने टेस्ट खेलने वाली अपने से कहीं ऊंची रैंक वाली टीम को शुरुआत में ही संकट में डाल दिया। अफगानिस्तान के गेंदबाजों ने जिम्बाब्वे के 7 विकेट सिर्फ 49 रनों पर ही झटक लिए थे और लग रहा था कि टीम छोटा स्कोर ही कर पाएगी।
हालांकि हैमिल्टन मास्कजदा ने पुछल्ले बल्लेबाज ग्रीम क्रीमर के साथ आठवें विकेट के लिए 104 रनों की शतकीय साझेदारी कर टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया लेकिन पूरी टीम 48.3 ओवर में 175 रन बनाकर आउट हो गई। मास्कजदा ने 138 गेंदों में 83 रनों की उपयोगी पारी खेली जबकि क्रीमर ने 58 रन बनाए। जिसके जवाब में अफगानिस्तान की पूरी टीम 16.1 ओवर में आउट हो गई और जिम्बाब्वे ने यह मैच 117 रनों से जीत लिया।
इस मैच में नाकामी के कई रिकॉर्ड भी बने। मैच की दोनों ही पारियों में दोनों टीमों की ओर से पहले 2 विकेट खाता खोले ही गिर गए जो वनडे में अपने आप में एक रिकॉर्ड है।