भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के नवनियुक्त सचिव देवजीत सैकिया ने स्वीकार किया कि भारतीय टीम टेस्ट प्रारूप में संघर्ष कर रही है। सचिव चुने जाने के बाद सैकिया ने कहा कि भारत के लिए लाल गेंद के प्रारूप में पुरानी फॉर्म हासिल करना चुनौती है। भारत को न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट मैच की सीरीज में हार का सामना करना पड़ा था जिस कारण वह विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (डब्ल्यूटीसी) के फाइनल में नहीं पहुंच सका था।
'इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज और चैंपियंस ट्रॉफी पर है ध्यान'
सैकिया ने कहा कि बीसीसीआई सभी विशेषज्ञों से बात कर रहा है और सकारात्मक नतीजा निकालने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने कहा कि भारत इसे सीरीज दर सीरीज आगे बढ़ाएगा और फिलहाल इंग्लैंड के खिलाफ सीमित ओवरों की सीरीज पर ध्यान केंद्रित करेगा। सैकिया ने कहा, यह बड़ी चुनौती है क्योंकि आप जानते हैं कि हमने न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पिछली दो टेस्ट सीरीज में अच्छा प्रदर्शन नहीं किया है। अब इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज है और फिर दुबई में हमें चैंपियंस ट्रॉफी में भी खेलना है। हम एक समय में एक ही टूर्नामेंट के बारे में सोच रहे हैं। हमने पिछले दो दिनों में काफी चर्चा की है और हमें जो भी झटके मिले हैं, उससे उबरने की कोशिश करेंगे।
सैकिया ने कहा, हम विशेषज्ञों की भी राय ले रहे हैं जिससे इन चर्चाओं का सकारात्मक पहलू निकल सके। हमारी तत्काल चुनौती घर में इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज है और फिर चैंपियंस ट्रॉफी भी होनी है। मैं आईसीसी के मौजूदा अध्यक्ष और बीसीसीआई के पूर्व सचिव जय शाह के कार्यों को आगे बढ़ाना चाहता हूं।
जय शाह की जगह संभालेंगे पद
सैकिया को रविवार को बीसीसीआई की विशेष आम सभा के दौरान सचिव चुना गया था। सैकिया आईसीसी के नवनियुक्त अध्यक्ष जय शाह की जगह यह पद संभालेंगे। सैकिया का बीसीसीआई सचिव बनना तय माना जा रहा था क्योंकि इस पद के लिए नामांकन करने वाले वह एकमात्र उम्मीदवार थे। वहीं, प्रभतेज सिंह भाटिया कोषाध्यक्ष चुने गए हैं। भाटिया आशीष शेल्लार की जगह कोषाध्यक्ष पद संभालेंगे। आशीष महाराष्ट्र की देवेंद्र फडणवीस सरकार में कैबिनेट मंत्री बने थे जिस कारण उन्हें बीसीसीआई में अपना पद छोड़ना पड़ा था।
कौन हैं देवजीत सैकिया?
सैकिया प्रथम श्रेणी के पूर्व क्रिकेटर हैं जिन्होंने 1990 से 1991 तक चार मैच खेले हैं। उनका क्रिकेट करियर काफी छोटा रहा है और उन्होंने इस दौरान 53 रन बनाए तथा विकेट के पीछे नौ शिकार किए। क्रिकेट के बाद उन्होंने लॉ में अपना करियर बनाया और 28 साल की उम्र में गौहाटी हाई कोर्ट में वकील बने। वहीं, खेल कोटा के तहत उन्हें भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) और उत्तरी रेलवे में नौकरी मिली।
सैकिया का क्रिकेट प्रशासन में करियर 2016 में शुरू हुआ जब वह असम क्रिकेट संघ (एसीए) के छह उपाध्यक्ष में से एक बने जिसके अध्यक्ष हिमंत बिस्व सरमा थे जो फिलहाल असम के मुख्यमंत्री हैं। सैकिया 2019 में एसीए के सचिव बने और फिर 2022 में बीसीसीआई के संयुक्त सचिव चुने गए।