आईपीएल स्पॉट फिक्सिंग मामले में तिहाड़ जेल से रिहा हुए क्रिकेटर श्रीसंत ने कहा है कि वे जेल में बिताए 27 दिन कभी नहीं भूलेंगे।
श्रीसंत ने कहा, 'तिहाड़ जेल में बिताए गए पल बेहद मुश्किल थे। इससे मुझे कई चीजें सीखने को मिली। मैंने हमेशा पूरी ईमानदारी से क्रिकेट खेला है।'
हालांकि उन्होंने दावा किया कि वे पूरी तरह निर्दोष हैं और वे इसे साबित करके दिखाएंगे।
श्रीसंत ने कहा, 'उन्हें देश की न्याय प्रक्रिया पर पूरा भरोसा और वे पुलिस की जांच में पूरा सहयोग करेंगे।'
न्यायिक प्रक्रिया पर पूरा भरोसाः चव्हाण
स्पॉट फिक्सिंग के आरोपों के कारण करीब 26 दिन तिहाड़ में बिताने के बाद जमानत पर रिहा हुए क्रिकेटर अंकित चव्हाण ने कहा है कि उन्हें न्यायिक प्रक्रिया पर पूरा भरोसा है और उन्हें न्याय जरूर मिलेगा।
चव्हाण ने जेल से रिहा होने के बाद कहा, 'मैं केवल इतनी उम्मीद करता हूं कि न्यायपालिका अपना काम करेगी और मुझे न्याय जरूर मिलेगा। हाल ही में परिणय सूत्र में बंधे चव्हाण ने जेल से बाहर आने के बाद कहा, 'मैं न्यायपालिका का शुक्रगुजार करता हूं। मैं खुश हूं कि इस दौर में मेरे परिवार और मेरे दोस्तों ने मेरा साथ दिया।'
16 मई को हुई थी गिरफ्तारी
इससे पहले श्रीसंत और अंकित चव्हाण को मंगलवार रात को तिहाड़ जेल से जमानत पर रिहा कर दिया गया। उनके साथ ही 16 अन्य बुकीज को भी रिहा किया गया।
दिल्ली की एक अदालत ने सोमवार को श्रीसंत समेत 18 अन्य आरोपियों की जमानत मंजूर की थी।
कोर्ट ने इन सभी को 50 हजार रुपये के निजी बांड और इतनी ही राशि के एक जमानती की गारंटी पर जमानत मंजूर कर थी। श्रीसंत को चव्हाण और अजीत चंदीला के साथ 16 मई को दिल्ली पुलिस ने मुंबई से आईपीएल में स्पॉट फिक्सिंग के आरोप में गिरफ्तार किया था।