अपने मस्तमौला अंदाज और शेर-ओ-शायरी के लिए मशहूर सिद्धू ने अपनी शायरी में कहा-
"है समय नदी की बाढ़, अक्सर सब बह जाया करते हैं
है समय बड़ा तूफान प्रबल, पर्वत भी झुक जाया करते हैं"
'अक्सर दुनिया के लोग, समय में चक्कर खाया करते हैं
पर कुछ खान साहब जैसे भी होते हैं जो इतिहास बना देते हैं'