आईपीएल में क्रिकेटरों की डोप टेस्टिंग का रोड मैप तैयार कर लिया गया है। डोप सैंपल नाडा की ओर से लिए जाएंगे। नाडा लीग में सैंपलिंग यूएई एंटी डोपिंग एजेंसी के साथ मिलकर करेगा। क्रिकेटरों के डोप सैंपल इस तरह से लिए जाएंगे जिससे उनके जैव सुरक्षा माहौल में किसी तरह का खलल नहीं पड़े।
ज्यादातर मुकाबलों में सैंपलिंग के लिए यूएई एंटी डोपिंग एजेंसी के डीसीओ का इस्तेमाल किया जाएगा। सैंपलिंग के दौरान यूएई एंटी डोपिंग की मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) का पालन किया जाएगा।
हालांकि सैंपलिंग के लिए नाडा भी अपने डीसीओ भेजेगा। वहां उन्हें पहले एकांतवास में रखा जाएगा। यह भी फैसला लिया गया है कि पास में जाने से बचने के लिए किसी भी क्रिकेटर का ब्लड सैंपल नहीं लिया जाएगा।
अब तक आईपीएल में डोप सैंपलिंग का जिम्मा बीसीसीआई इंटरनेशनल डोपिंग टेस्ट एंड मैनेजमेंट (आईडीटीएम ) को सौंपती आई है। उसकी ओर से लीग में 110 से 120 के करीब सैंपल लिए जाते हैं, लेकिन बोर्ड के नाडा संरक्षण में आने के बाद यह जिम्मेदारी उसके पास नहीं रही है। आईडीटीएम के पास इस बार तभी आईपीएल में सैंपलिंग के लिए अधिकार आ सकते हैं जब नाडा इससे इनकार कर दे।