आईपीएल में क्रिकेटरों की डोप टेस्टिंग का रोड मैप तैयार कर लिया गया है। डोप सैंपल नाडा की ओर से लिए जाएंगे। नाडा लीग में सैंपलिंग यूएई एंटी डोपिंग एजेंसी के साथ मिलकर करेगा। क्रिकेटरों के डोप सैंपल इस तरह से लिए जाएंगे जिससे उनके जैव सुरक्षा माहौल में किसी तरह का खलल नहीं पड़े।
सैंपलिंग के दौरान डोप कंट्रोल ऑफिसर (डीसीओ) और क्रिकेटर का आपस में न तो संपर्क होगा और न ही जैव सुरक्षा प्रोटोकाल टूटेगा। कितने सैंपल लिए जाएंगे यह तय नहीं हुआ है। नाडा ने तय किया है आउट ऑफ कंपटीशन सैंपल लेने का सिलसिला टीमों की यूएई रवानगी से पूर्व ही यानि की देश में ही शुरू कर दिया जाएगा।
नहीं लिए जाएंगे ब्लड सैंपल
ज्यादातर मुकाबलों में सैंपलिंग के लिए यूएई एंटी डोपिंग एजेंसी के डीसीओ का इस्तेमाल किया जाएगा। सैंपलिंग के दौरान यूएई एंटी डोपिंग की मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) का पालन किया जाएगा।
हालांकि सैंपलिंग के लिए नाडा भी अपने डीसीओ भेजेगा। वहां उन्हें पहले एकांतवास में रखा जाएगा। यह भी फैसला लिया गया है कि पास में जाने से बचने के लिए किसी भी क्रिकेटर का ब्लड सैंपल नहीं लिया जाएगा।
लीग का कार्यक्रम जारी होने के बाद ही नाडा यह फैसला लेगा कि कितने आउट ऑफ कंपटीशन और कितने इन कंपटीशन सैंपल लिए जाने हैं। टेसंर्टग के लिए सैंपल दोहा लैब में भेजे जाएंगे।
नाडा की सैंपलिंग के संबंध में बीसीसीआई के अलावा यूएई एंटी डोपिंग एजेंसी से बात हो चुकी है, लेकिन फ्रेंचाइजी से बात कर नाडा यूएई रवानगी से पूर्व क्रिकेटरों के सैंपल लेने की कोशिश करेगा। इसके लिए उसे अपनी एसओपी का इंतजार है, जो उसने मंजूरी के लिए स्वास्थ्य मंत्रालय को भेज रखी है।
नाडा के महानिदेशक नवीन अग्रवाल स्वीकार करते हैं कि लीग में सैंपलिंग के लिए यूएई एंटी डोपिंग एजेंसी से बात हुई है। कोशिश यह भी रहेगी कि नाडा के डीसीओ को लीग में भेजा जाएगा।
120 डोप सैंपल लिए जाते रहे हैं
अब तक आईपीएल में डोप सैंपलिंग का जिम्मा बीसीसीआई इंटरनेशनल डोपिंग टेस्ट एंड मैनेजमेंट (आईडीटीएम ) को सौंपती आई है। उसकी ओर से लीग में 110 से 120 के करीब सैंपल लिए जाते हैं, लेकिन बोर्ड के नाडा संरक्षण में आने के बाद यह जिम्मेदारी उसके पास नहीं रही है। आईडीटीएम के पास इस बार तभी आईपीएल में सैंपलिंग के लिए अधिकार आ सकते हैं जब नाडा इससे इनकार कर दे।