भारतीय टीम की हार के बाद इंग्लैंड के पूर्व कप्तान नासिर हुसैन ने शुभमन गिल की रणनीति की आलोचना की और कहा कि मैदान पर उनमें रोहित शर्मा और विराह कोहली जैसी आभा देखने नहीं मिली। गिल की कप्तानी में पहली बार भारत टेस्ट मैच में उतरा था, लेकिन उसे पहले मैच में पांच विकेट से हार का सामना करना पड़ा। नासिर ने भले ही गिल को आड़े हाथों लिया, लेकिन पूर्व भारतीय कोच रवि शास्त्री ने गिल का बचाव किया।
इंग्लैंड ने आसानी से हासिल किया लक्ष्य
भारत ने इस मैच में इंग्लैंड के सामने 371 रनों का लक्ष्य रखा था, लेकिन बेन डकेट के शतक और जैक क्रावले तथा जो रूट के अर्धशतकों की मदद से इंग्लैंड ने पांच विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया था। भारत ने पहली पारी में छह रनों की मामूली बढ़त हासिल की थी, लेकिन वह मैच नहीं बचा सकी। इंग्लैंड ने पांच मैचों की टेस्ट सीरीज में 1-0 की बढ़त हासिल कर ली।
हुसैन बोले- लगा दो या तीन कप्तान हैं
हुसैन ने कहा कि गिल कप्तान के तौर पर सक्रिय होने के बजाय प्रतिक्रिया दे रहे थे। हुसैन ने कहा, मैंने देखा कि कोई तरीका ढूंढने की कोशिश कर रहा था। गिल के पास मैदान पर रोहित और विराट जैसी आभा नहीं दिखी। मुझे लगा कि वह सक्रिय होने के बजाय प्रतिक्रिया दे रहा था। जब रोहित और कोहली टीम की कप्तानी कर रहे थे तब आपको देख कर ही समझ आ जाता था कि कौन नेतृत्व कर रहा है लेकिन इस मैच में मुझे लगा कि दो या तीन कप्तान है। ऐसा लगा जैसे एक समिति टीम का नेतृत्व कर रही है।
भारत के पूर्व कोच रवि शास्त्री का मानना है कि गिल ने उनसे जितना अपेक्षित था, उससे कहीं अधिक किया है। शास्त्री ने कहा, इस परिणाम के बावजूद कोचिंग स्टाफ के लिए इस मैच में कई सकारात्मक पहलू है। गिल ने एक कप्तान के रूप में उससे कहीं अधिक किया है, जितना अपेक्षित था। उन्होंने अपने पहले टेस्ट में शतक बनाया। खिलाड़ियों का कैच छोड़ना उसके नियंत्रण में नहीं है। भारत के लिए इस हार को पचा पाना मुश्किल होगा। आप अक्सर ऐसी स्थिति में नहीं आते और वहां से हार मान लेते हैं। उनके पास इंग्लैंड को मुकाबले से बाहर करने के कई मौके थे। उन्हें सीखना होगा और उन्हें निचले क्रम के बल्लेबाजों से अधिक सहयोग की जरूरत है। आपको अपने विकेट की कीमत को समझना होगा।