एशेज टेस्ट सीरीज खत्म होने के साथ ही इंग्लैंड के स्टार तेज गेंदबाज स्टुअर्ट ब्रॉड ने संन्यास ले लिया है। हालांकि, जेम्स एंडरसन ने साफ किया कि वह अभी संन्यास नहीं ले रहे हैं। इस बीच इंग्लैंड के पूर्व कप्तान नासिर हुसैन ने कहा है कि जनवरी 2024 में भारत के खिलाफ पांच टेस्ट मैच की सीरीज में जेम्स एंडरसन का अनुभव काफी उपयोगी होगा। इसके साथ ही उन्होंने यह उम्मीद जताई कि भारत के खिलाफ टेस्ट सीरीज के लिए जेम्स एंडरसन को चुना जाएगा।
इंग्लैंड के दो अनुभवी खिलाड़ी, स्टुअर्ट ब्रॉड और मोईन अली संन्यास ले चुके हैं। ऐसे में एंडरसन का टीम में रहना इंग्लैंड के लिए बेहद जरूरी है। इंग्लैंड के पूर्व कप्तान नासिर हुसैन को उम्मीद है कि तेज गेंदबाज जेम्स एंडरसन अगले साल की शुरुआत में पांच टेस्ट मैचों की कठिन सीरीज के लिए भारत का दौरा करेंगे, उनका कहना है कि तेज गेंदबाज स्टुअर्ट ब्रॉड और ऑलराउंडर मोईन के संन्यास लेने के बाद, 41 वर्षीय एंडरसन का अनुभव काम आएगा। भारत में टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले एंडरसन, हाल ही में एशेज में कुछ खास नहीं कर पाए थे। ऐसे में वह अगले साल जनवरी में शुरू होने वाली सीरीज के लिए भारत का दौरा करने के लिए उत्सुक होंगे।
हुसैन ने गुरुवार को आईसीसी रिव्यू में कहा, "जिमी (एंडरसन) का भारत के खिलाफ बहुत अच्छा रिकॉर्ड है... और आपको एक संतुलित आक्रमण की जरूरत है। युवा खिलाड़ियों के लिए आपको उस अनुभव की जरूरत है। एंडरसन का भारत के खिलाफ अच्छा रिकॉर्ड है, उन्होंने टेस्ट में 32 बार पांच विकेट लिए हैं और इनमें से छह बार पांच विकेट भारत के खिलाफ लिए हैं। एशियाई देशों में उनका औसत (29.32) उन अन्य स्थानों की तुलना में अच्छा है, जहां उन्होंने खेला है।
उन्होंने कहा "जिमी के कुछ महीने खराब या औसत रहे, लेकिन अगर आप जिमी एंडरसन को खारिज कर रहे हैं तो आप मूर्ख हैं। मैंने एक साक्षात्कार में उनसे बात की और उन्होंने कहा, विकेट की भूख अभी भी है। वह पहले से ही इसके बारे में सोच रहे हैं कि अपना सर्वश्रेष्ठ कैसे वापस पाएं।''
हुसैन ने कहा कि एशेज अब इतिहास बन चुकी है, एंडरसन नई चुनौतियों का इंतजार कर रहे हैं और जल्द ही नेट्स पर उतरने का लक्ष्य बना रहे हैं। उन्होंने कहा "वह पहले से ही नेट्स में वापस जाने और अपने खेल पर कड़ी मेहनत करने के बारे में सोच रहे हैं और यह मेरे लिए एक अच्छा संकेत है कि उसमें अभी भी वह भूख है। वह, 700 (टेस्ट विकेट) से 10 विकेट दूर है, और यही उन्हें आगे बढ़ाता रहेगा अभी कुछ समय के लिए।" इंग्लैंड पर लगातार संन्यास का असर पड़ा है, खासकर हरफनमौला खिलाड़ी मोईन अली और तेज गेंदबाज ब्रॉड के संन्यास से। लेकिन हुसैन को लगता है कि हालांकि दो दिग्गजों की कमी महसूस की जाएगी, लेकिन टीम के पास भारत में अच्छा प्रदर्शन करने के लिए अपनी गेंदबाजी में गहराई है।
"मुझे लगता है कि विशेष रूप से ब्रॉड के जाने के साथ, मुझे वह अनुभव पसंद आएगा। क्रिस वोक्स ने कहा है कि वह अब घर से बाहर खेलने के लिए उतने उत्सुक नहीं हैं और उनका रिकॉर्ड घर से बाहर अच्छा नहीं है। हम देखेंगे, वह (वोक्स) अपना मन बदल सकते हैं। बहुत सारी बातें हो चुकी हैं हाल ही में बदलाव हुए हैं। लेकिन अगर आपके पास वोक्स नहीं है और आपके पास ब्रॉड नहीं है, तो आपको जिमी एंडरसन जैसे किसी व्यक्ति के अनुभव की आवश्यकता होगी।"
हुसैन ने कहा कि भारत का दौरा "बैजबॉल" के लिए अगली सबसे बड़ी चुनौती होगी। हुसैन ने कहा, "जैक लीच वापस आएंगे और रेहान अहमद एक बहुत अच्छे स्पिनर हैं, जैसा कि हमने पाकिस्तान में देखा। जोश टंग ने वास्तव में अच्छी गेंदबाजी की है। ओली रॉबिन्सन एक बहुत ही कुशल गेंदबाज है। दुर्भाग्य से, ओली स्टोन जैसा कोई व्यक्ति चोटिल हो गया है और जाहिर तौर पर जोफ्रा आर्चर भी चोटिल हैं।
"आपको भारत में भी उस अतिरिक्त गति की आवश्यकता है। इसलिए इंग्लैंड के पास है...उन्हें सरे में वह लड़का एटकिंसन मिला है, जिसके बारे में बहुत सारी अच्छी बातें कही जा रही हैं। इसलिए इंग्लैंड के पास विकल्प हैं। यह बैजबॉल के लिए अगला टेस्ट होगा। उन्होंने कहा कि बैजबॉल एक तरफ के खिलाफ काम करेगा, फिर वे अगली तरफ चले गए।
"फिर वे न्यूजीलैंड, ऑस्ट्रेलिया, पाकिस्तान चले गए। अगली चुनौती भारत है और हर कोई जानता है कि भारत टेस्ट मैच क्रिकेट में सबसे कड़ी चुनौतियों में से एक है।" हुसैन ने संकेत दिया कि वह यह जानने के इच्छुक हैं कि "बैजबॉल" रविचंद्रन अश्विन, रवींद्र जड़ेजा और अक्षर पटेल जैसे भारत के शीर्ष स्पिनरों के खिलाफ कैसे काम करेगा। "यह स्पिन के खिलाफ बैजबॉल है। रवि अश्विन, जड़ेजा और अक्षर पटेल के खिलाफ बैजबॉल और यह दिलचस्प होने वाला है।"