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IPL 2020: खराब फॉर्म पर ग्लेन मैक्सवेल का अजीबोगरीब बयान, अपनी टीम पर मढ़ दिया दोष

Wed, 14 Oct 2020 12:01 AM IST
अंशुल तलमले स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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ग्लेन मैक्सवेल - फोटो : सोशल मीडिया
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कप्तान केएल राहुल भले ही सर्वाधिक रन बनाकर ऑरेंज कैपधारी हो, लेकिन उनकी टीम अंकतालिका में आखिरी पायदान पर है। सात मैच में छह हार के साथ किंग्स इलेवन पंजाब टूर्नामेेंट में अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रही है। राहुल और मयंक अग्रवाल को छोड़कर पूरा बल्लेबाजी क्रम फ्लॉप ही रहा, पिछले कुछ मैच जरूर निकोलस पूरन ने दम दिखाया है, लेकिन धुआंधारी ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज ग्लेन मैक्सवेल के बल्ले को तो जंग ही लग चुका है। असल मायनों में टीम का मध्यक्रम ही पंजाब की जीत में आड़े आ रहा।

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आईपीएल-13 के लिए मैक्सवेल को बहुत सारा पैसा दिया गया, लेकिन वह बदले में प्रदर्शन नहीं दे पा रहे। मौजूदा सीजन के सात मुकाबलों में उन्होंने मात्र 58 रन बनाए हैं। इसमें 13 रन उनका सर्वाधिक स्कोर है। अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी के लिए पहचाने जाने वाले मैक्सवेल का औसत जहां 14.50 का है वहीं उनकी स्ट्राइक रेट 95.08 का है। उन्होंने अब तक के टूर्नामेंट में सिर्फ पांच चौके ही लगाए हैं, जबकि छक्के के लिए लगता है और इंतजार करना पड़ेगा।

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10.75 करोड़ में पंजाब ने खरीदा

पंजाब की टीम ने उनपर बड़ा दांव लगाते हुए उन्हें 10.75 करोड़ में अपने साथ जोड़ा। वे इस बार के आईपीएल में दूसरे सबसे महंगे खिलाड़ी हैं। लेकिन इतनी बड़ी कीमत और अपनी छवि से अलग वे बल्ले और गेंद दोनों से ही टीम पर बोझ बने हुए हैं। अपनी खराब फॉर्म और लचर प्रदर्शन को दरकिनार करते हुए अब यह बल्लेबाज इन नाकामयाबियों को दोष स्थिति और टीम मैनेजमेंट द्वारा दिए जा रहे बल्लेबाजी क्रम पर मढ़ रहा है।

पीटीआई से बात करते हुए 31 वर्षीय इस विक्टोरियन खिलाड़ी ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया के लिए खेलने के दौरान मेरी भूमिका स्पष्ट होती है। प्लेइंग इलेवन में अधिकतर एक ही होता है। सभी खिलाड़ियों को उनका रोल बखूबी पता होता है, लेकिन यहां ऐसा नहीं है। हमारे शुरुआती चार बल्लेबाजों ने ही अधिकतर मुकाबलो में ज्यादातर बल्लेबाजी की है। मध्यक्रम अधिक मौके नहीं मिले, विकेट की अपेक्षाकृत धीमी है। मानसिकर स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए मैक्सवेल ने पिछले आईपीएल में भाग नहीं लिया था।

2014 के सीजन के आधे मुकाबले भारत के साथ-साथ यूएई में भी खेले गए थे, तब 552 रन बनाकर मैक्सवेल ने किंग्स इलेवन पंजाब को उसके पहले फाइनल में एंट्री दिलवाई थी, हालांकि तब टीम को खिताबी मुकाबले में कोलकाता नाइटराइडर्स से हार का कड़वा स्वाद चखना पड़ा था। 2017 में इस ऑस्ट्रेलियाई को KXIP का कप्तान नियुक्त किया गया था। 2018 में दिल्ली ने उन्हें खरीदा था, लेकिन वहां भी प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा था।
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