भारतीय महिला क्रिकेट टीम इस समय टी20 विश्व कप 2026 के लिए इंग्लैंड की सरजमीं पर है। इस वैश्विक टूर्नामेंट में देश का मान बढ़ाने के लिए 22 साल की दाएं हाथ की तेज गेंदबाज क्रांति गौड़ भी भारतीय टीम का हिस्सा बनी हुई हैं। मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा की रहने वाली क्रांति गौड़ की भारतीय टीम के नीले रंग की जर्सी तक पहुंचने की यह कहानी बेहद भावुक करने वाले संघर्षों से भरी रही है।
क्रांति ने जियोस्टार पर अपने सफर को याद करते हुए कहा "मैंने क्रिकेट खेलने के बारे में कभी इतना बड़ा सपना नहीं देखा था। मैं एक ऐसे गांव से आती हूं, जहां लड़कियों को आजादी से बाहर निकलने की भी अनुमति नहीं दी जाती है। वहां लड़कियों को बाहर जाने या कुछ भी नया करने की कोशिश करने पर लोगों के तानों और बुराई का सामना करना पड़ता है।"
उन्होंने आगे कहा कि मैंने हमेशा एक बात सुनी है कि जो लोग लगातार कड़ी मेहनत करते रहते हैं, वे कभी हारते नहीं हैं। मैं भी बस आगे चलती रही। मैं लगातार गेंदबाजी करती रही, नई चीजें सीखती रही और खुद पर विश्वास बनाए रखा। मैंने अपने आस-पास के शोर से खुद को कभी रुकने नहीं दिया। मैं लगातार मेहनत करती रही और आज मैं इस मुकाम पर हूं कि टी20 विश्व कप में यह जर्सी पहनकर देश का प्रतिनिधित्व कर रही हूं। इस बड़े स्टेज पर आकर अब महसूस होता है कि वह सारी पुरानी मेहनत आखिरकार कामयाब रही।