मुरली विजय भारत और इंग्लैंड के बीच हुई टेस्ट सीरीज के पहले दो टेस्ट में खराब प्रदर्शन की वजह से तीसरे टेस्ट में शामिल नहीं किए गए थे और आखिरी दो टेस्ट में टीम से ही बाहर हो गए थे। अब विजय ने काउंटी क्रिकेट में शानदार वापसी की है।
मुरली विजय ने एसेक्स की ओर से शानदार शतक जमाया जिससे उनकी टीम एसेक्स काउंटी चैंपियनशिप डिवीजन वन में नाटिंघमशर को गुरुवार को आठ विकेट से हराने में सफल रहा। विजय ने इंग्लैंड के खिलाफ पहले दो टेस्ट मैच खेले थे जिसकी चार पारियों में उन्होंने केवल 26 रन बनाए। इसमें पहली पारी में 20 और दूसरी पारी में केवल 6 रन बनाए थे।
लॉर्ड्स टेस्ट की दोनों पारियों में वह खाता नहीं खोल पाए थे। इस मैच में वे दोनों ही पारियों में बिना टीम का खाता खोले ही जेम्स एंडरसन की गेंद पर आउट हो गए थे, लेकिन एसेक्स की तरफ से गुरूवार को उन्होंने 100 रन की जबर्दस्त पारी खेली जिससे उनकी टीम ने 282 रन का लक्ष्य आसानी से हासिल कर दिया।
282 के चुनौतीपूर्ण लक्ष्य के सामने उन्होंने टाम वेस्ले (नाबाद 110) के साथ दूसरे विकेट के लिए 204 रन की साझेदारी निभाकर अपनी टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई। भारतीय सलामी बल्लेबाज ने समित पटेल की गेंद पर बोल्ड होने से पहले 181 गेंदें खेली तथा 15 चौके लगाए।
इस मैच में पहली पारी में नाटिंघमशर ने 177 रन बनाए थे। इसके जवाब में विजय और निक ब्राउन ने एसेक्स को अच्छी शुरुआत दिलाई और पहले विकेट के लिए 56 रन जोड़े। इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज में रन बनाने के लिए जूझ रहे विजय ने 95 गेंदों पर 56 रन बनाए। इसमें नौ चौके भी शामिल हैं। एसेक्स ने पहली पारी में 233 रन बनाए इसमें मुरली के 56 रनों की पारी सबसे बड़ी पारी रही।
दूसरी पारी में नाटिंघमशर की टीम ने पहली पारी से बेहतर बल्लेबाजी की और 337 रन बनाकर एसेक्स को जीत के लिए 282 रन का लक्ष्य दिया। जिसे एसेक्स ने विजय और टॉम वेस्ले की पारियों के दम पर केवल दो विकेट खोकर ही हासिल कर लिया।