टीम इंडिया वर्ल्ड कप में इस बार अपना खिताब बचाने उतरेगी लेकिन जिस तरह से उसके खिलाड़ी प्रदर्शन कर रहे हैं उससे कहीं भी ऐसा नहीं लगता कि इस बार भारत कुछ अच्छा कर पाएगा। भारतीय टीम में युवा क्रिकेटरों की संख्या काफी है, कुछ खिलाड़ी अनुभवी हैं तो वह चल नहीं रहे।
टीम के लिए सबसे चिंता की बात यह है कि उसके सलामी बल्लेबाज शिखर धवन की नाकामी खत्म होने का नाम ही नहीं ले रही है और एक के बाद एक मैच में असफल हो रहे हैं। त्रिकोणीय सीरीज में धवन पिछले 3 मैचों में क्रमशः 2,1 और 8 रन बनाए हैं। उनकी नाकामी ने टीम इंडिया को संकट में डाल दिया है।
कभी धाकड़ बल्लेबाजी करने वाले धवन का बल्ला इस समय रुठा हुआ है और वह नवंबर, 2014 से मैदान पर बल्लेबाजी के दौरान अपनी मूंछों पर ताव भी नहीं पा रहे हैं। वह बड़ी पारी खेलने के बाद अपनी मूंछों पर ताव देना नहीं भूलते। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट सीरीज में बुरी तरह से नाकाम रहने के बाद धवन वनडे में भी लगातार रन बनाने का मौका गंवा रहे हैं उनकी असफलता को देखते हुए कप्तान महेंद्र सिंह धोनी भी उन्हें टीम से बाहर करने की बात कह चुके हैं लेकिन रोहित शर्मा के चोट ने उन्हें टीम में बनाए रखना पड़ रहा है।
अब हर क्रिकेटर की गलियारों में यह चर्चा चल रही है कि धवन की चोट का झूठा बहाना कर वापस स्वदेश भेज दिया जाए और उनकी जगह मुरली विजय या युवराज सिंह को टीम में शामिल कर लिया जाए।
मजबूरी है धवन को टीम में बनाए रखना
आउट ऑफ फॉर्म शिखर धवन का टीम से बाहर होना तय था लेकिन ऐन मौके पर दूसरे इन-फॉर्म बल्लेबाज रोहित शर्मा चोटिल हो गए और उनकी चोट पूरी तरह से ठीक नहीं हुई ऐसे में वह टीम से बाहर हैं। रोहित के चोटिल होने का फायदा धवन को मिल रहा है लेकिन वह उसका फायदा नहीं उठा पा रहे। दूसरी ओर, टीम भी उन्हें ठोने को मजबूर है क्योंकि 17 सदस्यीय टीम में सिर्फ 7 बल्लेबाज ही शामिल हैं।
टीम इंडिया के लिए त्रिकोणीय सीरीज का अंतिम मैच सेमीफाइनल की तरह है लेकिन धवन का आउट ऑफ फॉर्म होना टीम प्रबंधन के लिए तनाव का विषय बना हुआ है। इस दौरे में वह लगातार 4 पारियों में दहाई का आंकड़ा नहीं छू सके हैं और साथ ही 9 अंतरराष्ट्रीय पारियों में वह सिर्फ एक अर्धशतक (ब्रिसबेन टेस्ट, दूसरी पारी) लगा सके हैं।
धवन के फॉर्म को देखते हुए प्रशंसक फेसबुक और ट्विटर पर धवन के चोटिल होने और उनकी जगह मुरली विजय या युवराज सिंह को शामिल करने की बात कह रहे हैं। मुरली ने ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट सीरीज में शानदार प्रदर्शन किया था। जबकि युवराज ने टीम चयन से ऐन वक्त पहले फॉर्म हासिल कर लिया था लेकिन चयनकर्ताओं ने उन्हें नजरअंदाज किया। मुरली ने 4 मैचों की टेस्ट सीरीज में 482 रन बनाए।
मेलबर्न में त्रिकोणीय सीरीज में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेले गए पहले वनडे में धवन की नाकामी के बाद कप्तान धोनी ने उनका बचाव किया था। हालांकि यह धवन ही हैं जो पिछले साल बतौर ओपनर सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाजों की सूची में तीसरे स्थान पर थे। उनसे आगे दक्षिण अफ्रीका के हाशिम अमला और श्रीलंका के दिलशान तिलकरत्ने ही आगे थे।
आसान नहीं है किसी खिलाड़ी को रिप्लेस करना
प्रशंसक भले ही शिखर धवन की जगह अब मुरली विजय या युवराज सिंह का चयन चाहते हों लेकिन ऐसा होना मुमकिन होता नहीं दिख रहा। यह तभी संभव है जब कोई खिलाड़ी चोटिल या बीमार हो जाए।
चोट या बीमारी के आधार पर खिलाड़ी को बदलने की मांग पर आईसीसी की ओर से गठित एक मेडिकल टीम उसकी पड़ताल करती है कि खिलाड़ी की चोट या बीमारी कितनी गंभीर है। आईसीसी ने वर्ल्ड कप जैसे टूर्नामेंट्स में खिलाड़ियों को बदलने के मामले में सख्त नियम बना रखे हैं।
आईसीसी ने इसके लिए इवेंट टेक्निकल कमिटी गठित कर रखी है जो इस पूरे मामले पर नजर भी बनाए रखती है।